धरती माता के साथ अन्याय बंद करना होगा :  शिवराज सिंह चौहान

by Next Khabar Team
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-केंद्रीय कृषि मंत्री ने की धान की रोपाई, किसानों के साथ कृषक चौपाल में लिया हिस्सा, किसानों को दिए खेती-किसानी के टिप्स

अयोध्या। खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने दौरे पर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने “ स्वस्थ मिट्टी सशक्त किसान, समृद्ध भारत ” विषय पर संगोष्ठी में शिरकत की। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख व गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष आचार्य श्याम बिहारी गुप्ता मौजूद रहे। आईसीएआर नई दिल्ली के महानिदेशक डा. एम.एल.जाट, प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र कुमार भी मौजूद रहे। कृषि विवि के कुलपति डा. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न व अंगवस्त्रम भेंटकर स्वागत किया।
   केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बतौर मुख्यअतिथि किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश में रामराज्य लाना चाहते हैं। हमारा आदर्श रामराज्य है। मंत्री शिवराज ने कहा कि धरती के साथ खिलवाड़ करना बंद करना होगा। हम धरती माता के साथ अन्याय कर रहे हैं। कहा कि खाद की मात्रा देश में बहुत अधिक है लेकिन सीमित मात्रा में ही डालें। अगर खेतों में ऐसे ही रासायनिक उर्वकों का प्रयोग होता रहा तो यह धरती माता एक दिन अन्न उगाने से इंकार कर देगी और जमीन बंजर हो जाएगी। दवा का प्रयोग कर किसानों ने केंचुएं को मार डाला जो मिट्टी को उपजाऊ बनाने में मदद करता है। आज का समय इंट्रीग्रेटेट फार्मिंग का है। अलग-अलग फसलों का प्रयोग करना होगा इससे मिट्टी भी उपजाऊ होगी।
उन्होंने किसानों से अपील किया कि वे प्राकृतिक खेती करें और सफलता मिलती है तो उसे आगे बढ़ाइये। इस दौरान उन्होंने कृषि विवि के कुलपति का हौसला बढ़ाया कि वे विश्वविद्यालय को ऊंचाई तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि धरती में पैदा होने वाली सब्जी, फल भी बीमार है और उसे खाने वाले लोग भी बीमार हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ नहीं बचेगा। उर्वरकों के प्रयोग से आज लोगों में तरह-तरह की बीमारियां पैदा हो रहीं हैं। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस अभियान के बाद उनका अगला लक्ष्य मिट्टी परीक्षण का है और इसके लिए तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि आई.सी.ए.आर नई दिल्ली ने उत्तर प्रदेश का रोड मैप तैयार किया गया है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि रोड मैप का मतलब कृषि में वैज्ञानिक खेती, बढ़ते तापमान, सूखा, जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पहली बार भारत सरकार को कोई कृषि मंत्री आचार्य नरेंद्र देव में पहुंचा है यह किसानों के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में 60 हजार कुंतल ढैंचे का बीज का इंतजाम कर हर जिले में भेजवाया गया है। रासायनिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता घटती जा रही है, उर्वरा शक्ति घटती जा रही है, बीमारियां बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धान की सीधी रोपाई की। धान की सीधी रोपाई से उर्वरक की मात्रा घट जाती है और पैदावार में भी बढ़ोतरी होती है और इसको टेक्नोलॉजी को आगे की तरफ ले जाना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित कृषि तैयार करना होगा, और इसके लिए किसानों को खेती का विविधिकरण, उत्पादन का बढ़ाया जाना, दलहन तिलहन की उत्पादन की खेती करनी होगी।
उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार ने किसानों को 7 लाख मिनी किट फ्री दे रही है। सर्टिफाइट के माध्यम से बीज के लागत को सरकार ने आधा कर दिया है जिससे कि किसान आत्मनिर्भर हो सकेगा। मंत्री शाही ने कहा कि हम आत्मनिर्भर बनेंगे तो हमें विदेशों से उर्वरक, सेब, दाल मंगाने की परेशानी से मुक्त हो सकेंगे और स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर सकेंगे।
आईसीएआर नई दिल्ली के महानिदेशक डा. एम.एल जाट ने कहा कि आज का दिन बहुत खास है क्योंकि आज उत्तर प्रदेश का 2047 का कृषि रोड मैप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री शाही को बधाई दिया जिन्होंने इस कृषि विवि को होनहार डायनमिक कुलपति दिया है। अलनीनो से किसानों को जागरूक करने के साथ साथ धरती माता को केमिकल से बचाने की जरूरत है। डा. जाट ने कहा कि छोटे-छोटे कदम और सही खेती से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। धरती का स्वास्थ्य सही रखेंगे तो अधिक दवा नहीं देनी पड़ेगी।

 कृषि क्षेत्र में देशभर में अव्वल होगा उत्तर प्रदेश- कुलपति

कृषि विवि के कुलपति कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह  ने कहा कि अमृत काल में भारत अपनी स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरा करेगा तो उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था देश में अग्रणी रहेगी। वर्तमान समय में किसान जितने फायदे की उम्मीद कर रहे हैं उतना लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि बीजों और कीटनाशकों एवं खाद पदार्थों में लागत बहुत अधिक है। कुलपति ने कहा कि किसानों के लागत को घटाना होगा और उत्पादन बढ़ाकर लाभ बढ़ाने पर कार्य करना होगा तब युवाओं का झुकाव खेती की तरफ बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि पहली बार इस विवि में केंद्रीय कृषि मंत्री का आगमन हुआ है जो किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत का कार्य करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मत है कि किसानों को इस प्रकार से तैयार किया जाए कि खेत का सामान खेत में ही रह जाए। इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम का मॉड्यूल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को दिया गया है जिसमें एक तालाब होगा जिसमें मछली होगी, मुर्गी पालन, बत्तख, कुक्कुट और गाय होगी। गाय के गोबर से प्राकृतिक खेती होगी। ऐसी व्यवस्था किसानों को देनी होगी जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। यह युवाओं के लिए कृषि रोजगार का अच्छा जरिया होगा और उत्तर प्रदेश राष्ट्र में प्रथम स्थान पर होगा।
इससे पहले सभी अतिथियों ने आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नरेंद्र उद्यान में पौधरोपण किया। कृषि विवि द्वारा संचालित सभी महाविद्यालय एवं कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का भ्रमण कर अतिथियों ने अवलोकन किया। जलभरो कार्यक्रम के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सात जिलों से लगभग 500 से अधिक किसानों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के महानिदेशक डा.एम.एल.जाट, प्रमुख सचिव कृषि उत्तर प्रदेश रवींद्र कुमार, कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश व कृषि विवि के शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मचारी व किसान सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

किसान चौपाल में मंत्री शिवराज ने दिए किसानों को टिप्स

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सबसे पहले डेयरी प्रक्षेत्र पहुंचे और गायों को गुड़ और चारा खिलाया। उसके बाद किसानों के साथ कृषक चौपाल में हिस्सा लिया। चौपाल के दौरान गोपालकों से वार्ता की तथा उनके द्वारा पाले पशुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उनकी समस्याओं को भी सुना। इसके उपरांत प्राकृतिक खेती परिसर में माननीय मंत्री जी ने मछलियों को दाना खिलाया तथा प्राकृतिक विधि द्वारा की जा रही हल्दी की खेती का निरीक्षण किया।
वहां उपस्थित कृषकों से उन्होंने विस्तृत रूप से प्राकृतिक खेती में उपयोग की जा रही  विधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा भविष्य में मृदा संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती पर बल दिया। विश्वविद्यालय परिसर में केंद्रीय कृषि मंत्री ने धान की रोपाई भी की। इस अवसर पर उन्होंने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी को साझा किया। चौपाल में उन्होंने आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचारों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ अपनी आय में भी वृद्धि करने की सलाह दी।
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा कृषि के साथ संबद्ध गतिविधियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसान चौपाल के अंत में किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों ने अपनी समस्याओं को सीधे केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की ।
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