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पुलिसिया तांडव से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

क्षेत्राधिकारी अरविन्द चौरसिया के आश्वासन पर शांत हुए ग्रामीण

बीकापुर। तारून थाना कोतवाली क्षेत्र की पुलिस चैकी गयासपुर मजरे सोनेडाड़ गॉव में बुधवार की रात अवैध शराब बनाने के कथित आरोपी के घर दबिश के दौरान पुलिसिया ताण्डव से आक्रोशित गॉव की सैकडों ग्रामवासी महिलाओ पुरूषों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपने ही गॉव के दुर्गापूजा स्थल के मैदान में इकठ्ठा होकर गयासपुर पुलिस चौकी के खिलाफ नारे बाजी करते हुए घण्टो जमकर प्रदर्शन कर अपनी भडास निकाली। पुलिस ज्यादती से आक्रोशित ग्रामवासी महिलाओ पुरूषों का हंगामेंदार प्रदर्शन तब थमा जब पुलिस क्षेत्राधिकारी अरविन्द चौरसिया ने मौके की नजाकत और पीडित के घर का निरीक्षण परीक्षण करने के बाद उन्हे इंसाफ देने के साथ साथ पुलिस चौकी के स्टाफ को वहां से हटवा देने तथा भविष्य मे इस तरह की पुर्नरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया। जॉच में मौके पर क्षेत्राधिकारी के पहुचने पर अचानक उस समय माहौल कारूणिक हो गया जब चोटहिल भयातुर मूलचन्द की बहन आरती चिघ्घडती हुई भागकर अचानक सीओ के पैर को पकडकर फूट फूटकर रोने लगी। जिसे देख सीओ खुद सकते में आ गये और किसी तरह लोगो को समझा बुझाकर उसे अलग कराया।
ग्रामवासियों के शिष्टमण्डल ने जॉच अधिकारी/क्षेत्राधिकारी श्री चौरसिया को पीडित मूलचन्द ने कार्यवाही के लिए एक शिकायती प्रार्थना पत्र भी दिया है। जिसमें पुलिस ज्यात्ति का बिन्दुवार व्यौरा देते हुए यह भी बताया है कि वह खुद गॉव व क्षेत्र में कच्ची शराब के अवैध धंधे के खिलाफ रहने के साथ साथ लोगो को इस गलत धंधे से मुक्त कराने के लिए जिला पुलिस द्वारा चलाये गये नशा मुक्त आन्दोलन में गॉव व क्षेत्र के युवाओ को लेकर आन्दोलन की रैली में सक्रिय भागीदार बना जिसकी नशा मुक्त रैली को बीकापुर के एसडीएम और डिप्टी एसपी ने हरी झण्डी दिखाकर नशा मुक्ति का बिगुल बजाया है। जिसे देख सीओ श्रीचैरसिया खुद स्तब्ध हो गये। पीडित मूलचन्द का खुला आरोप है कि पुलिस स्वयं लोगो से कच्ची शराब बनवाने और बेचने के लिए प्रेरित करती है और बदले में माहवारी लेना चाहती है। जिससे नशा मुक्त आन्दोलन की धार पैनी होने के बजाय और मुड़ जाती है। मालूम रहे कि बुधवार की रात करीब 11 बजे कच्ची शराब के धंधे में बदनाम शुदा गॉव सोनेडाड़ गॉव में कथित शराब बनाने के आरोपी संजुल और मूलचन्द पुत्र विजय नरायन निषाद की गिरफ्तारी के नाम पर गयासपुर पुलिस चैकी की पुलिस टीम ने मूलचन्द के घर पर दबिश दी थी। दबिश के दौरान परिजनो के विरोध करने पर पुलिस ने मूलचन्द व उसके पिता विजय नरायन 50 वर्ष मूलचन्द की पत्नी नीलम 21 वर्ष बहन आरती 16 वर्ष और संजुल 20 वर्ष की जमकर पिटाई करते हुए घर के अन्दर भी तलाशी के नाम पर तोडफोड और सामानों के फेकने की कार गुजारी की थी। चैकी पुलिस इंचार्ज संजय का कहना है कि 7 जनवरी को सोनेडाड़ गॉव में की गई छापामारी में मूलचन्द व संजुल अभियुक्त है। जिन्हे पकडने के लिए पुलिस ने दबिश दी थी। संजुल पकडा गया किन्तु मूलचन्द फर्रार हो गया और पुलिस को फंसाने के लिए एक दूसरे को मार पीट कर घटना का नाटक किया गया। जबकि मूलचन्द का कहना है कि वह पुलिस की मार व ज्यादती को देख भाग निकलने में सफल रहा। जबकि घर में मौजूद उसके पिता विजय नरायन उसकी पत्नी नीलम बहन आरती और भाई संजुल को पुलिस ने बुरी तरह मारा पीटा। यहां तक कि पुलिस ने ढेड साल की मासूम बच्ची रोही को भी नही बख्सा और दूध पिलाते समय उसे जमीन पर पटक दिया। जिसकी चोट से वह अभी भी नही उभर पायी है। चोटहिल विजय नरायन को रात में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया अन्य चोटहिलो को उपचार के बाद छोड दिया गया। जबकि अधेड़ विजय नरायन आज भी जिला अस्पताल में भर्ती है जिन्हे देखने के लिए आज सुबह स्वयं पुलिस क्षेत्राधिकारी अस्पताल गये हुए थे। हालकि इस प्रकरण में पुलिस द्वारा तैयार की गई थ्यौरी में चलनी की तरह असंख्य सूराख है और जॉच में भी असलियत उजागर हुई है। किन्तु सब कुछ पुलिस के ही पाले में है। विरोध प्रदर्शन में निषाद संगठन के आशाराम निषाद लक्ष्मण निषाद सर्वादीन निषाद सुरेश निषाद जोखू निषाद ग्राम प्रधान ताडडीह हरिश्चन्द्र निषाद पूर्व प्रधान देशराज निषाद संजय भारती राजदेव निषाद मंजीत निषाद नीलम दशरथा निबरा चन्द्रमती प्रभावती रीता कालावती विमला कैशिल्या देवी देवमती धनपता सहित सैकडों ग्रामवासी महिला पुरूष व कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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अशोक वर्मा

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