प्रशासनिक दावों की विश्वविद्यालय के संपत्ति अधिकारी ने खोली पोल

by Next Khabar Team
A+A-
Reset

कहा- हॉस्टल मैस में गैस की किल्लत के चलते नहीं बन पा रहा था भोजन, खाना बाधित होने के चलते अवैध कटान कराए जाने का दावा

मिल्कीपुर-अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के छात्रावासों के मेस में गैस की किल्लत का दावा करने वाले विश्वविद्यालय के संपत्ति अधिकारी का बयान जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के पर्याप्त गैस उपलब्ध होने के उस दावे पर सवालिया निशान लगा रहा है। क्योंकि हॉस्टल मेस में छात्रों के लिए भोजन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित किए जाने हेतु अवैध कटान किए जाने का दावा कल मामला संज्ञान में न होने का राग अलापने वाले संपत्ति अधिकारी द्वारा किया जा रहा है।

इस प्रकार से विश्वविद्यालय के संपत्ति अधिकारी ने प्रशासनिक दावों की पोल भी खोल दी है। बताते चलें कि कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित एक विशालकाय हरे-भरे आम के पेड़ को अवैध रूप से काटकर लकड़ी को बिना विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के विश्वविद्यालय परिसर से बाहर किया जा रहा था। चर्चा है कि विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डॉ शम्भू प्रसाद ने लकड़ी ले जा रहे वाहन को रोक लिया था और पूछ ताछ शुरू की तो मामला कुछ और निकला था। फिर क्या था, इस गोरखधंधे में शामिल विश्वविद्यालय कर्मियों ने उक्त लकड़ी को हटा कर विश्वविद्यालय परिसर स्थित मछली उत्पादन तालाब संख्या एक से पांच के बगल डंप कर दिया था।

तब से विश्वविद्यालय में मामला रफा दफा करने के लिए खिचड़ी अंदर खाने में पकाई जा रही है। घटनाक्रम के बारे में जब विश्वविद्यालय के संपर्क अधिकारी डॉ सीताराम मिश्रा से बात की गई थी तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में ही नहीं है। वहीं दूसरी ओर लकड़ी पकड़े जाने को लेकर चर्चाओं में आए डॉ शंभू प्रसाद ने बताया था कि मेरे द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जबकि आज तक उक्त उपकरण में कोई भी जांच कमेटी ही नहीं गठित की गई है। विश्वविद्यालय के संपत्ति अधिकारी डॉ सीताराम मिश्रा ने बताया कि हॉस्टल मैस में गैस की कमी के चलते कभी खिचड़ी, कभी रोटी सब्जी एक ही टाइम बन पाता था।

इसे भी पढ़े  कृषि विवि की बड़ी उपलब्धि, सरसों की अल्टरनेरिया ब्लाइट पर शोध

संभवतः गैस की समस्या के चलते मैं इसमें भोजन निर्माण हेतु लकड़ी भट्टी पर खाना बनाने की व्यवस्था के तहत लकड़ी काटी गई है। जबकि विश्वविद्यालय परिसर की स्थिति इंडेन गैस गोदाम के प्रभारी डॉ नवाज खान का कहना है कि विश्वविद्यालय में कभी भी गैस की कीमत आज तक हुई ही नहीं है और न ही हॉस्टल के मैस में भोजन निर्माण ही बाधित हुआ है। इस प्रकार से विश्वविद्यालय परिसर में अनियमित रूप से अवैध कटान प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही न करके मामले को विश्वविद्यालय की जिम्मेदार अधिकारी दबाने में पूरी तरह से जुटे हैं।

वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ डी नियोगी का कहना है कि गैस की समस्या अभी तक विश्वविद्यालय में नहीं आई है। हालांकि जब गैस का क्राइसिस शुरू हुआ था तब विश्वविद्यालय में मीटिंग के दौरान यह है चर्चा हुई थी कि परिसर स्थित सूखे पेड़ों की लकड़ी को कटवा करके अग्रिम व्यवस्था हेतु रखवा दिया जाए। लेकिन विधिक प्रक्रिया के तहत सूखे पेड़ काटे जाएं। हरा पेड़ कतई न काटा जाए। फिलहाल आम के पेड़ का यह अवैध कटान तब किया गया है, जब आम के पेड़ों में फल लगे हुए हैं।

नेक्स्ट ख़बर

अयोध्या और आस-पास के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना स्रोत है। यह स्थानीय समाचारों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक घटनाओं की प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। यह वेबसाइट अपने आप में अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक डिजिटल दस्तावेज है।.

@2025- All Right Reserved.  Faizabad Media Center AYODHYA

Next Khabar is a Local news Portal from Ayodhya