लावारिस पशुओं की संख्या में इजाफा, नहीं तैयार हो पायी कान्हा गौशाला

एसडीएम ने किया गौशाला निर्माण स्थल का निरीक्षण, कहा जल्द हो जायेगा निर्माण

मिल्कीपुर । भाजपा सरकार बनने के बाद लावारिस पशुओं के लिए कान्हा गोशाला बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी अभी तक गौशाला का निर्माण पूर्ण रूप से नहीं हो पाया है।
सरकार के गठन के बाद गोकशी आदि के मामलों में काफी प्रभावी रोक लगी है। इसके साथ ही लावारिस पशुओं की संख्या में इजाफा होने लगा है। इसका भी सीधा नुकसान किसानों और राहगीरों को होने लगा है। इसके मद्देनजर शासन की ओर ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस पशुओं के लिए कान्हा गोशाला योजना शुरू की गई है।
जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार पाठक के निर्देश पर उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर केडी शर्मा ने बृहस्पतिवार को पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारी मिल्कीपुर सुनील कुमार कौशल के साथ तहसील क्षेत्र के अमानीगंज विकासखंड के रामपुर गौहनिया, मिल्कीपुर विकासखंड के परसवा,हरिग्टनगंज विकासखंड के पलिया माफी ग्राम सभा की आरक्षित चारागाह की जमीन पर तैयार कान्हा गौशालाओं का निरीक्षण किया।
उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर से जब छुट्टे मवेशियों के संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि तैयार गौशालाओं में छुट्टे मवेशियों को ला कर रखा जा रहा है हरिग्टनगंज मलेथू बुजुर्ग गांव में लगभग 80 बीघा क्षेत्रफल में गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है जो बहुत जल्द तैयार हो जाएगा यहां पर भी छुट्टे मवेशियों को रखा जाएगा। इतना ही नहीं चारागाह की अन्य जमीनों की तालाश क्षेत्रीय लेखपालों द्वारा कराई जा रही है ताकि मवेशियों को ठीक तरीके से गौशालाओं में रखा जा सके।
गौशालाओं में रखे जाने वाले मवेशियों के कान पर टैग लगा दिया जाएगा जिससे यह पता चल सके कि कौन सी गौशाला के यह मवेशी है क्योंकि गौशाला के बाहर निकल जाने पर इन मवेशियों के बारे में कोई जानकारी नहीं रहती इन सब परिस्थितियों को देखकर यह अधिकारियों द्वारा यह निर्णय लिया गया कि गौशाला में रहने वाले मवेशियों के कान पर टैग लगा दिया जाये ताकि बाहर निकलनेे पर यह पता चल सके कि कौन से गौशाला के मवेशी है। ग्रामीण क्षेत्र में छुट्टे मवेशियों को पकड़ने के लिए ग्राम प्रधान ग्राम ,सफाई कर्मी ग्रामीणों की मदद से गौशालाओं तक मवेशियों को पहुंचाया जाएगा। किसी भी किसान से किसी प्रकार का शुल्क छुट्टे मवेशियों के संबंध में नहीं लिया जाएगा यदि कोई किसान एवं समाजसेवी गौशाला के लिए कुछ देना चाहता है तो दे सकता है इसके लिए कोई बांध नहीं है।

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