प्रचार सामाग्रियों की गिरफ्त में शहर के वृक्ष

कायदे कानून को ताख पर रख पेड़ों पर लगायी गयीं होर्डिंगें, वन प्रभाग मौन

फैजाबाद। वन प्रभाग जहां एक ओर वन महोत्सव का आयोजन कर नये पौधों का रोपण कराकर वाहवाही लूट रहा है वहीं पुराने वृक्षों को उपेक्षित रखे हुए है। न्यायालय के सख्त आदेश कि खुल्लम खुल्ला अवज्ञा कर शहर के पुराने वृक्षों पर होर्डिंग, बैनर व प्रचार तख्तियां लगायी गयी हैं जिससे कायदे कानूनों की खुल्लम खुल्ला अवहेलना हो रही है। इस मुद्दे पर वन प्रभाग ही नहीं प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए है।
न्यायालय ने अर्सा पूर्व आदेश जारी किया था कि किसी भी वृक्ष पर किसी भी सूरत में प्रचार सामाग्रियां न लगायी जांय यही नहीं आदेश में यह भी कहा गया था कि यदि वृक्षों पर प्रचार सामाग्रिया लगी हुई पायी जाय तो सम्बन्धित के खिलाफ दण्डात्म्क कार्यवाही की जाय। मौजूदा समय में हालात यह हैं कि शहर के पुराने वृक्षों पर प्रचार समाग्रिया सहज ही देखी जा सकती हैं यही नहीं बरगद, पीपल व नीम जैसे धार्मिक महत्व के वृक्षों को भी लोगों ने बख्सा नहीं है। बताते चलें कि बरगद व पीपल का वृक्ष हिन्दू सुहागिनों के लिए धार्मिक महत्व का है सुहागिने बट सावित्री व्रत रख विधि विधान से अपने पति की लम्बी उम्र के लिए वृक्ष तले पूजन अर्चन व तने पर धागा लपेटने का कार्य करती हैं प्रचार सामाग्री लग जाने से सुहागिनों को अपना धार्मिक अनुष्ठान पूजा करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नीम का वृक्ष जहां विभिन्न औषधीय गुणों को समाहित किये हुए है वहीं हिन्दू धमावल्मी बस वृक्ष में माता शीतला का वास होने के नाते नित्य पूजन अर्चन व जल अपर्ण करते हैं। शहर के वृक्षों पर अतिक्रमण के सम्बन्ध में जब प्रभागीय वनाधिकारी रवि कुमार सिंह से दूरभाष पर सम्पर्क करने की कोशिश की गयी तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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