पारदर्शिता से होगा परिषदीय विद्यालयों के अध्यापकों का समायोजन: डा. अनिल कुमार

    • अध्यापकों के समायोजन व पारस्परिक स्थाननातरण हेतु चार सदस्यीय समिति हुई गठित

    • शिक्षा मित्रों की मूल विद्यालयों में होगी वापसी

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    फैजाबाद। जनपद में पूरी पारदर्शिता के साथ परिषदीय विद्यालयो में कार्यरत अध्यापक/अध्यापिकाओं के जनपद के भीतर होगा समायोजन व पारस्परिक स्थानातरण/जिसके लिए इच्छुक अध्यापको को आवेदन-पत्र अपने खण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम् से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 01 अगस्त तक जमा करना होगा।
    बैठक में उक्त जानकारी देते हुए जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार ने कहा कि समायोजन व पारस्परिक स्थाननातरण हेतु चार सदस्यीय समिति गठित की गई जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष तथा जिला वेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रर्चाय डायट व जनपद मुख्यालय पर कार्यरत खण्ड शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे।
    जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार ने आगे बताया कि प्रत्येक विद्यालय हेतु आवश्यक अध्यापको की संख्या का निर्धारण हेतु शैक्षिक सत्र 2017-18 में 30 सितम्बर 17 की छात्र संख्या की आधार निर्धारित की जायेगी। छात्र संख्या बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद से प्राप्त की जायेगी और तदानुसार विद्यालय में अध्यापको के पदो का निर्धारण आरटीई एक्ट 2009 के अनुसार किया जायेगा।
    समायोजन प्रक्रिया में सर्वप्रथम विद्यालय में कार्यरत कनिष्टम् अध्यापको को हटाकर उन्हें यथा संभव उनकी सुविधानुसार उसी विकास खण्ड के निकटतम् विद्यालय में पदस्थापित किया जायेगा। समायोजन व पारस्परिक स्थानान्तरण प्रक्रिया में दिव्यांग असाध्य बीमारी से ग्रसित महिला शिक्षको को यथासंभव उसी विकास खण्ड में अथवा जिस विद्यालय में वे पदस्थापन चाहती है पदस्थापित किया जायेगां
    जिस विद्यालय से सरप्लस अध्यापक (मानक से अधिक) का समायोजन किया जायेगा उस विद्यालय में किसी अध्यापक न तो स्थानान्तरित किया न ही तैनात किया जायेगा। समायोजन प्रक्रिया या पारस्परिक स्थानान्तरण में यह सुनिश्चित किया जायेगा कोई विद्यालय एकल न हो तथा किसी विद्यालय में अध्यापक छात्र का अनुपात 1-40 से अधिक तथा 1-20 से कम न हो। इसके साथ ही पारस्परिक समायोजन के अन्तर्गत जनपद के भीतर यदि कोई शिक्षक पारस्परिक स्थानान्तरण चाहता है तो उस पर भी विचार किया जायेगा किन्तु यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में विज्ञान व गणित के अध्यापको की उपलब्धता बनी रहे। जिलाधिकारी ने सभी अध्यापको से कहा कि इच्छुक अध्यापक आवेदन करे अनावश्यक इधर-उधर भाग दौड़ न करे। हर एक आवेदन-पत्र पर सहानभूति पूर्वक विचार किया जायेगा।

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    विवाहित महिला शिक्षामित्र अपने पति के निवास वाले स्थाल के लिए कर सकती हैं आवेदन

    जनपद के परिषदीय विद्यालयो मे कार्यरत शिक्षामित्रो को उनके मूल विद्यालयो में वापसी/तैनाती की जायेगी जिसके लिए एक जिला स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है जो पूरी पारदर्शिता के साथ मेरे निगरानी में कार्य करेगी तथा आदेश-पत्र जारी करने के पूर्व मुझसे अनुमोदन प्रस्तुत करेगी।
    उक्त जानकारी देते हुए जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार ने बताया कि यदि किसी विवाहित महिला शिक्षामित्र द्वारा अपने पति के निवास वाले ग्राम पंचायक के विद्यालय में समायोजन हेतु आवेदन किया जाता है तो उस विद्यालय में शिक्षामित्र के पद रिक्त होने की दशा में सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर पदस्थापित किया जायेगा यदि तत्कालिक रूप में निवास प्रमाण-पत्र उपलब्ध नही कराया जा सकता तो वो शपथ-पत्र प्रस्तुत कर सकती है। निवास प्रमाण-पत्र 14 अगस्त तक उपलब्ध कराना होगा।
    जिलाधिकारी ने आगे बताया कि रिक्त पद के विरूद्ध एक से अधिक आवेदन-पत्र होने पर सर्वप्रथम दिव्यांग महिला तत्पश्चात आयु को वरीयता प्रदान की जायेगी। जिलाधिकारी ने आगे बताया कि ऐसे शिक्षामित्र जिनके द्वारा विकल्प पत्र नही दिया गया है उनकी मूल विद्यालय में ही वापसी कर दी जायेगी प्रत्येक विद्यालय में अधिकतम् दो शिक्षामित्र का पद रिक्त है मूल विद्यालय की वापसी हेतु यदि किसी एक विद्यालय में तैनाती हेतु कई विकल्प पत्र प्राप्त होते है तो मूल विद्यालय केें शिक्षामित्र को वरीयता प्रदान की जायेगी। जिलाधिकारी डा0 अनिल कुमार ने आगे बताया कि ऐसे शिक्षामित्र जो लम्बे समय से अनुपस्थित चल रहे है उनको नोटिस दे कर विकल्प पत्र प्राप्त किया जा रहा है विकल्प पत्र प्राप्त न होने पर उन्हें मूल विद्यालय में वापस कर दिया जायेगा। असमायोजित महिला शिक्षामित्रो को भी शासनादेश का लाभ प्रदान किया जायेगा।