रिकाबगंज से जीआईसी रोड तक भीषण जाम
अयोध्या। दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से जारी ट्रैफिक डायवर्जन के पहले ही दिन व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई। शहर के रकाबगंज चौराहे से कसाईबाड़ा होते हुए जीआईसी जाने वाले मार्ग पर भीषण जाम लग गया। अल्ट्रासाउंड सेंटर से लेकर जीआईसी रोड तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों और दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर्व को लेकर 17, 18 और 19 अक्टूबर को शाम चार बजे से मेला समाप्त होने तक यातायात डायवर्जन लागू किया गया है। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। लेकिन पहले ही दिन रकाबगंज से जीआईसी जाने वाले मार्ग पर लगे जाम ने यातायात प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर वाहनों की भीड़ के कारण लोगों को निकलने में कठिनाई हुई। वहीं, सड़क किनारे स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। आरोप है कि संबंधित मार्ग पर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दिए। इसके साथ ही पंडालों के आसपास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं होने की बात भी सामने आई है।
दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में पंडालों के आसपास यातायात नियंत्रण, पैदल श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित रास्ता और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती बेहद जरूरी है। जाम की स्थिति में किसी आपातकालीन वाहन के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
सवाल यह है कि जब पहले से ही ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाई गई थी, तो उसके प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाने में कमी क्यों की गई ? त्योहार के शेष दिनों में भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को रकाबगंज चौराहे से जीआईसी रोड तक यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।