-कुमारगंज थाने से चंद कदम दूरी स्थित बरईपारा गांव का मामला, घंटों चलता रहा लुका छुपी का खेल, उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने लिया यू टर्न

मिल्कीपुर। कुमारगंज थाना क्षेत्र के बरईपारा गांव में महिला खातेदार की भूमि पर दबंगों द्वारा रविवार अवकाश के दिन स्थानीय पुलिस से सांठ गांठ करके अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू तो यह है कि राजस्व कर्मी भी अवैध निर्माण को रूकवाते रहे लेकिन कुमारगंज थाने की पुलिस दर्जनों मजदूरों को संरक्षण देकर अवैध निर्माण कराती रही।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजस्व गांव बरईपारा स्थित गाटा संख्या 121 फैजाबाद रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है। जिसमें सकीना एवं हकीम अली ने वर्ष 2002 में भूखंड का बैनामा लिया है जिसमें मकान एवं दुकान बनी हुई है तथा में रोड से लेकर पीछे तक पीछे पुरानी नींव भी स्थित है।पीड़ित महिला खातेदार का आरोप है कि गांव के ही मंसाराम अपने परिवार के लोगों सहित हरदोईया गांव निवासी रामू ठेकेदार एवं उनके दो दर्जन से अधिक मजदूरों को लेकर स्थानीय पुलिस से सांठ गांठ करके बीते रविवार अवकाश के दिन मौके पर पहुंच गए और महिला खातेदार की दीवार तोड़कर अवैध निर्माण शुरू कर दिए।
पीड़ित महिला एवं उनके पारिवारीजन भटकते रहे। खातेदार के विरोध के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित महिला खातेदार के नाती को थाने ले जाकर बैठा लिया। थक हार उन्होंने एसडीम और जिलाधिकारी तक से शिकायत की। उप जिलाधिकारी एवं सीओ मिल्कीपुर के फोन अवैध निर्माण रोके जाने के लिए थानाध्यक्ष के मोबाइल पर घनघनाते रहे।
पुलिस मौके पर पहुंच कर काम बंद करवाने का नाटक करती रही लेकिन देर शाम तक काम चला रहा। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद आखिरकार अवैध निर्माण करवाने पर तुली कुमारगंज पुलिस ने यू टर्न लिया और अवैध निर्माण रोका जा सका। सोमवार को एसडीएम सुधीर कुमार ने दोनों पक्षों को तहसील तलब किया और दौरान मुकदमा मौके पर किसी भी प्रकार का कोई भी नवीन निर्माण किए जाने से उभय पक्षों को रोक दिया। एसडीएम ने थानाध्यक्ष कुमारगंज सुरेश कुमार पटेल को भी निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार का कोई भी निर्माण कतई न होने पाए।