-जान जोखिम में डालकर शुरू हुई स्टीमर से यात्रा
सोहावल। मंगलसी के ढेमवा पुल पार नबाबगंज गोण्डा को जोड़ने वाला दो माह पहले बनाया गया पीपा पुल उखाड़ कर समाप्त कर दिया गया। इसके साथ ही दोनों जनपदों का संपर्क टूट गया। अब इस रास्ते आवागमन का मार्ग सिर्फ सरयू की धारा के बीच जान जोखिम में डाल कर नाव के सहारे ही रह गया है। जिसके लिए एक निजी स्टीमर लगाकर लोगों का आवागमन शुरू कर दिया गया है।
नवाबगंज गोंडा के गांव बहादुरपुर, ब्यौदा, साखीपुर, दत्तनगर, राजा राम का पुरवा आदि गाँव के लोगों का आना जाना कारबार सोहावल से होता है। हजारों लोग प्रतिदिन अपने वाहनों के साथ इसी रास्ते से आवागमन कर विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हैं। लंबी जद्दोजहद के बाद अप्रैल में लाखों खर्च कर लोक निर्माण विभाग ने गोंडा प्रशासन की पहल पर पीपा पुल तैयार किया। लोगों में इतनी खुशी हुई मानो उन्हें एक आने जाने का एक मजबूत सहारा मिल गया।
लेकिन सरयू में पानी बढ़ने के साथ ही जब लोक़ निर्माण विभाग को अपने पुल की चिंता सताने लगी तब विभाग ने इसे एक सप्ताह मशक्कत कर उखाड़ फेंका। असहाय बने दोनों जनपदों के लोग फिर बेसहारा हो गए। इनके लिए आवागमन का कोई रास्ता नहीं बचा। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने के लिए गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी निजी स्टीमर संचालकों ने एक स्टीमर आवागमन के लिए धारा के बीच चालू कर दिया है।
प्रति व्यक्ति घ्10 और प्रति वाहन घ्30 की वसूली की जा रही है। तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि एहतियात के तौर पर ढेमवा पुल के रास्ते पर बड़े वाहनों का प्रतिबंध लगा दिया गया है। पैदल और दोपहिया वाहन चालक चल रही स्टीमर से आ जा रहे हैं।