-आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर हुआ अंतिम संस्कार
मिल्कीपुर-अयोध्या। कुमारगंज थाना क्षेत्र के इमामगंज गांव में जमीन पैमाइश विवाद में घायल 70 वर्षीय राम अभिलाष निषाद की इलाज के दौरान 10 जुलाई 2026, शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और देर शाम परिजनों को सौंप दिया। देर रात शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में पहले से पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने रात में ही अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया।
शनिवार सुबह पुलिस ने दोबारा अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने साफ कहा कि जब तक हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सूचना मिलने पर प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। मिल्कीपुर सर्किल के कुमारगंज, खंडासा, इनायतनगर और बाबा बाजार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर सुधीर कुमार और नायब तहसीलदार रंजन वर्मा ने सुबह 11 बजे से दोपहर 1रू30 बजे तक परिजनों से वार्ता की और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन मान गए और शनिवार दोपहर करीब 2रू30 बजे राम अभिलाष का अंतिम संस्कार कराया गया।
थानाध्यक्ष सुरेश कुमार पटेल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि घटना 28 जून की शाम की है। 29 जून को परिजनों की तहरीर पर मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अब मेडिकल रिपोर्ट और मौत के बाद मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाई जाएंगी। जानकारी के अनुसार, राम अभिलाष ने अपनी पैतृक भूमि की पैमाइश के लिए तहसील में प्रार्थना पत्र दिया था।
28 जून को राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की, जहां उस समय कोई विवाद नहीं हुआ। परिजनों के अनुसार, उसी शाम पड़ोसी गांव जाते समय उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। पहले उन्हें कुमारगंज और फिर सुल्तानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।