-लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश, पांच वर्ष से अधिक सभी लंबित प्रकरणों की नियमित सुनवाई सुनिश्चित कराई जाए
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक कर जनपद में संचालित चकबंदी कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में उन्होंने चकबंदी वाले गांवों की संख्या, प्रकरणों की स्थिति तथा लंबित मामलों की जानकारी प्राप्त करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन गांवों में चकबंदी कार्य लंबित हैं, वहां तेजी से कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी प्रकरणों की प्रतिदिन सुनवाई कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि तीन से पांच वर्ष के बीच लंबित प्रकरणों की वैकल्पिक दिवसों पर नियमित सुनवाई करते हुए उनका भी समयबद्ध निस्तारण कराया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी को निर्देशित किया कि सभी चकबंदी एवं राजस्व न्यायालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं कि चकबंदी संबंधी कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि चकबंदी कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जाए, जिससे किसानों एवं ग्रामीणों को समय पर न्याय एवं सुविधा मिल सके।