पूर्णिमा हत्याकाण्ड का खुलासा: अवैध सम्बन्ध बना हत्या का कारण

    हत्यारोपी पति को था भय, सम्पत्ति का मुआवजा हड़प प्रेमी संग भाग जायेगी पत्नी

    सिल के लोढ़े से कूंचकर की थी निर्मम हत्या

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    फैजाबाद। पूर्णिमा यादव हत्याकाण्ड का पुलिस ने चैबीस घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए हत्यारोपी पति नरसिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारोपी पति ने अपने बयान में बताया कि उसकी पत्नी पूर्णिमा सम्पत्ति का लगभग 40 लाख रूपया मुआवजा हड़प अपने पे्रमी पिंटू यादव के साथ भाग जायेगी। इसी बात को लेकर शराब के नशे में सिल के लोढ़े से कूंचकर पूर्णिमा यादव को मौत के घाट उतार डाला।
    पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय कुमार ने हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए बताया कि 10 जुलाई को पांच नम्बर चैरहा ग्राम छत्ता का पुरवा में निर्माणाधीन तीन मंजिला मकान में रह रही 25 वर्षीया पूर्णिमा यादव को उसके पति नरसिंह यादव पुत्र स्व. रामलाल यादव ने ही मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गया। इस सम्बन्ध मंें मृतका की बहन ने थाना इनातनगर में मु.अ.सं. 250/18 आईपीसी की धारा 302 के तहत नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया था। पुलिस ने घेराबंदी करके मुखबिर की सटीक सूचना पर हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पूंछताछ के दौरान नरसिंह यादव ने बताया कि जिस मकान में वह रह रहा था वह उसकी पत्नी पूर्णिमा यादव के नाम दर्ज था वह मकान का नामांत्रण अपने नाम कराना चाहता था पूर्णिमा यादव का पिंटू यादव नाम के एक व्यक्ति से अवैध सम्बन्ध था चूंकि हाईवे विस्तार योजना के तहत उसका मकान चिन्हित कर लिया गया था और मुआवजे का लगभग 40 लाख रूपये मिलने वाला था। उसे शक था कि पूर्णिमा अपने नाम का मकान पिंटू यादव के नाम कर देगी और उसे छोड़ देगी ऐसा करने पर मुआवजा की राशि भी पिंटू यादव को ही मिलती। 10 जुलाई की रात में शराब पीकर जब वह घर आया तो इसी बात को लेकर उसका झगड़ा पत्नी पूर्णिमा यादव से होने लगा। शराब के नशे के कारण गुस्से में आकर उसने सिल के लोढ़े से मारकर पूर्णिमा यादव को मौत के घाट उतार दिया और भाग गया। एसपीआरए ने बताया कि नरसिंह यादव भागते समय मृतका पूर्णिमा यादव का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था जिसे बरामद किया गया। नरसिंह यादव ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। नरसिंह यादव और पूर्णिमा का विवाह 10 साल पहले हुआ था उसके तीन संताने हुई थी जिसमें से एक की मौत हो गयी थी। दो पुत्रियां एक 10 वर्ष की व दूसरे 3 वर्ष आयु की है घटना के समय मौके पर मौजूद थी। पूर्णिमा यादव का मायका ग्राम बौरहवा थाना हलियापुर जनपद सुल्तानपुर है। मृतका की छोटी बहन रिंकी यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिसिया पूछताछ में युवक नरसिंह ने अपनी पत्नी की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को बताया कि मेरी पत्नी बदचलन थी जिसके कुमारगंज थाना क्षेत्र के एक युवक पिंटू यादव जो कि कुमारगंज की बाइक सब डीलर की हत्या का अभियुक्त है से नाजायज संबंध थे पिंटू यादव का मेरे घर पर बराबर आना जाना रहता था जो मुझे बर्दाश्त नहीं होता था। मंगलवार की रात भी पिंटू मेरे घर आया था। आपत्तिजनक अवस्था में देखने के बाद पति नरसिंह का गुस्सा सातवें आसमान जा पहुंचा था। उसने घर में रखी सिल के लोढ़े से सिर पर कई वार कर अपनी पत्नी  को मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा पुलिस पत्नी के कातिल पति नरसिंह ने पुलिस को बताया कि फैजाबाद रायबरेली रोड फोरलेन का काम शुरु होने वाला है जिसमें उसकी पत्नी के नाम मकान भूखंड का भारी भरकम मुआवजा मिलने की उम्मीद थी। वह मकान अपने नाम बैनामा कराना चाहता था। जिसे बैनामा करने में उसकी पत्नी आनाकानी कर रही थी। जिसको लेकर पति पत्नी में आए दिन विवाद भी हुआ करता था। पुलिस ने पत्नी की हत्या में आरोपी पति को जेल भेज दिया है।