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सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए दिखाई देगा समरसता कुम्भ : प्रो. मनोज दीक्षित

कुलपति ने समरसता कुम्भ की तैयारियों को लेकर की बैठक

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में प्रयागराज कुम्भ युगाब्द 5120 के उपलक्ष्य में दिनांक 15 व 16 दिसम्बर, 2018 को आयोजित समरसता कुम्भ, 2018 की तैयारियों को अंतिम रूप देने में कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने पूरी टीम के साथ कौटिल्य प्रशासनिक भवन आवश्यक बैठक की।
बैठक में प्रो0 दीक्षित ने समरसता कुम्भ के महत्व को देखते हुए प्रत्येक स्तर पर सम्बन्धित समिति के समन्वयकों को तैयारी कर लेने का निर्देश दिया। देश के कोने-कोने से पहुॅच रहे संत एवं विभिन्न समाज के प्रबुद्ध लोगों का समागम होना है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री व केन्द्र सरकार के मंत्रीगणों के भी भाग लेने की सम्भावना को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन हर स्तर पर उच्च व्यवस्था को मुहैया कराने के लिए तत्पर है। आंगतुकों की सुविधा के लिए टेंट कालोनी के भीतर सहायता बूथ भी लगाया जायेगा।
समरसता कुंभ स्थल पर लगे स्टॉल भारतीय संस्कृति के परम्परागत खाद्य पदार्थों, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले संदेश टेंट कालोनी के बाहर लगाये जायेंगे। खादी वस्त्र की उपयोगिता एवं महत्व पर पंडाल उपस्थित जनों का ध्यान आकृष्ट करेंगे। प्रो0 दीक्षित ने बताया कि समरसता कुंभ स्थल देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए दिखाई देगा। विभिन्न धर्म एवं वर्ग के लोगों का जमावड़ा भारतीय समाज को समद्ध करने की बहस को नई दिशा प्रदान करेगा। प्रो0 दीक्षित ने स्पष्ट किया कि अयोध्या की इस पावन भूमि पर यह आयोजन निश्चय ही गौरव का विषय है यदि समाज व राष्ट्र को समर्थ बनाना है तो सभी को एक होना पड़ेगा और प्राप्त अवसरों का सदुपयोग आवश्यक होगा। बैठक में प्रति कुलपति प्रो0 एस0एस0 शुक्ला, कुलसचिव रामचन्द्र अवस्थी, मुख्य नियंता प्रो0 आर0एन0 राय, प्रो0 के0के0 वर्मा, प्रो0 अशोक शुक्ला, प्रो0 रमापति मिश्र, डॉ0 महेन्द्र पाठक, डॉ0 सुधीर श्रीवास्तव, संतोष शुक्ला उपस्थित रहे।

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