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छात्रों के भविष्य को संवारने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका :डी.पी. सिंह

– साकेत महाविद्यालय का मना 72वां स्थापना दिवस

-सेवानिवृत्त हुए डॉ. राजवीर सिंह डॉ. एसपी सिंह व डॉ. त्रिभुवन शुक्ला को किया गया सम्मानित

अयोध्या। समर्पण व्यक्तित्व के शिक्षक ही अपने छात्रों को ज्ञान देकर उनके जीवन को सफल बना सकते हैं। छात्रों के भविष्य को संवारने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है उक्त बातें न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने साकेत महाविद्यालय के 72 वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ वी एन अरोरा ने कहा कि छात्र छात्राओं को संघर्ष करना चाहिए तभी जीवन में सफलता प्राप्त हो सकती है। प्राचार्य डॉ अभय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि का परिचय कराते हुए महाविद्यालय के 72 वर्ष की विकास यात्रा का वर्णन किया उन्होंने कहा कि साकेत महाविद्यालय का गौरवमई इतिहास रहा है हमारे महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं डॉक्टर इंजीनियर प्रोफेसर जज राजनेता एवं विभिन्न उच्च पदों पर आसीन होकर समाज की सेवा कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष दीप कृष्ण वर्मा ने कहा कि प्राचीन गुरु शिष्य परंपरा वर्तमान समय में भी बनी रहनी चाहिए इससे शिक्षण संस्था का शैक्षणिक वातावरण मजबूत होता है कार्यक्रम में शिक्षण सत्र 2020 -21 में सेवानिवृत्त हुए 3 प्राध्यापकों डॉ राजवीर सिंह डॉक्टर एसपी सिंह डॉक्टर त्रिभुवन शुक्ला को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया डॉ बीडी द्विवेदी ने डॉ राजवीर सिंह डॉ अनुराग मिश्र ने डॉक्टर एस पी सिंह डॉ एके राय ने डॉक्टर त्रिभुवन शुक्ला के विभाग महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय को दिए गए बहुमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला कार्यक्रम में युवा महोत्सव में आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजई प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डीपी सिंह विशिष्ट अतिथि डॉ वीएन अरोरा अध्यक्ष प्रबंध समिति दीप कृष्ण वर्मा अवैतनिक सचिवआनंद सिंघल एवं प्राचार्य डॉ अभय कुमार सिंह द्वारा सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।

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संगीत विभागाध्यक्ष डॉ सुरभि पाल के निर्देशन में अवंतिका एवं कीर्ति पांडे ने सरस्वती वंदना महाविद्यालय गीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के पूर्व मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डीपी सिंह द्वारा महाविद्यालय ध्वज फहराया गया एवं लेफ्टिनेंट डॉ मनीष कुमार सिंह एवं सब लेफ्टिनेंट डॉ अशोक कुमार मिश्र के नेतृत्व में एनसीसी आर्मी एवं नेवल विंग्स के कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। महाविद्यालय प्रबंध समिति के अवैतनिक सचिव ने अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्राध्यापक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता व्यवस्था से तो नियमानुसार सेवानिवृत्त अवश्य हो जाता है किंतु वह संपूर्ण जीवन दूसरों को ज्ञान दिया करता है इस अवसर पर मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने स्वयं लिखित 3 पुस्तकें महाभारत के भीष्म रामराज्य आधुनिक परिवेश में एवं योग जीवन दर्शन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अभय कुमार सिंह को भेंट की। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य संकाय अध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी डॉ मिर्जा शहाब शाह ने किया कार्यक्रम में मुख्य नियंता डॉ अनिल कुमार सिंह प्रवेश सहसंयोजक डॉ आशुतोष सिंह परीक्षा प्रभारी डॉ ओपी यादव डॉ अखिलेश कुमार डॉ अंजनी कुमार सिंह डॉक्टर बृज विलास पांडे डॉक्टर मनोज छसपरिया डॉक्टर जसराज शुक्ला डॉक्टर सुचिता पांडे डॉक्टर प्रतिभा राय डॉक्टर डीएन सिंह डॉक्टर मंजूषा मिश्रा डॉ विनय कुमार सिंह डॉक्टर कुमुद सिंह डॉ रीना पाठक बरसर ओंकार नाथ शुक्ल आदि प्राध्यापक कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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