-इसी स्थान पर अमर शहीद अशफाक उल्ला खां को मिलीं थी शहादत
अयोध्या। अशफ़ाक उल्ला खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पाण्डेय ने अमर शहीद अशफाक उल्ला खां को जेल के सीकचो में बंद किए जाने पर घोर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जब हम देश का 80 वा स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहें हैं तब इसी फैजाबाद जेल में फांसी पर चढ़े शहीद अशफाक उल्ला खां को जेल में बंद रखना किसी भी प्रकार स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि गत कई वर्षों से सुबह 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक शहीद कक्ष खोला जाता रहा परन्तु कुछ महीनों से बह निरंतर बन्द रखा जा रहा है। खुला रहने पर स्थानीय एवं बाहर से आने वाले लोग शहीद कक्ष जाकर उनके बलिदान और काकोरी एक्शन की घटनाएं जानते थे।अब बाहर सड़क से लोग उस कक्ष को बंद देखकर वापस चलें जाते हैं।
श्री पाण्डेय ने जिला प्रशासन से जेल प्रशासन को यह कक्ष पूर्ववत खोलने तथा काकोरी एक्शन का स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि जिनका स्वतंत्रता आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान है उन्हें नयी पीढ़ी को जानकारी से वंचित किया जाना बहुत ख़तरनाक है।यह क्रांतिकारी आंदोलन को छुपाने का षडयंत्र की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर इस स्थान पर भव्य आयोजन किया जाना आवश्यक है।