अयोध्या। अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण की कवायद के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर ने जिले के दो और लोगों की हिस्ट्रीशीट खोलने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। कार्रवाई की जद में आए सक्रिय अपराध में शामिल इन दो लोगों में एक थाना पूराकलन्दर और एक थाना इनायतनगर क्षेत्र निवासी है। एसएसपी कार्यालय की ओर से बताया गया कि इन दोनों को संबंधित थाना पुलिस ने दुराचारी घोषित किया है और इनके आपराधिक इतिहास को देखते हुए इनकी ए/बी प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली गयी है।
किसके खिलाफ दर्ज हैं कितने मामले
पुलिस ने 25 वर्षीय सोनू यादव उर्फ धनेश यादव पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी ग्राम इच्छा का पुरवा अलावलपुर थाना पूराकलन्दर जनपद और 40 वर्षीय राजेन्द्र प्रसाद तिवारी पुत्र सियाराम तिवारी निवासी देवनपारा हरिनाथपुर थाना इनायतनगर की हिस्ट्रीशीट खोली है। कार्रवाई की जद में आए राजेन्द्र प्रसाद तिवारी के खिलाफ मारपीट,गाली गलौज,धमकी, हमला कर गंभीर रूप से घायल करने,धोखाधड़ी,कूटरचना,आबकारी अधिनियम,निषेधाज्ञा के उल्लंघन आदि के सात तथा सोनू यादव उर्फ धनेश यादव के खिलाफ मारपीट,बलवा,गाली गलौज,धमकी, एससी/एसटी एक्ट आदि के छह मामले पंजीकृत मिले हैं। एसएसपी ने इलाकाई पुलिस को इनकी गतिविधि की गहन निगरानी का निर्देश दिया है।
मनमानी में दो चौकी प्रभारी निलंबित
अयोध्या। अयोध्या जनपद के पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। कार्यवाही के प्रति घोर लापरवाही, अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में शहर सर्किल के दो चौकी प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है। यह कार्रवाई चोरी के मामले में कानूनी कार्रवाई में लापरवाही और मनमानी को लेकर की गई है।
एसएसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार कैन्ट थाने के सहादतगंज पुलिस चौकी पर तैनात प्रभारी उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) आशीष सिंह तथा नगर कोतवाली के फतेहगंज पुलिस चौकी पर तैनात प्रभारी उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) विकास गुप्ता को गंभीर लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई तथा कार्य के प्रति उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरती, जिसके चलते उनके विरुद्ध यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत विभागीय जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।