-आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय में 47 प्रशिक्षु अधिकारियों ने जाना आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रयोग
मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में रविवार को 47 प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों के भ्रमण दल ने विश्वविद्यालय की विभिन्न कृषि परियोजनाओं और फार्म का निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने जैविक खेती, डेयरी, सब्जी उत्पादन, उद्यानिकी सहित कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी संबंधित वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों से हासिल की।
प्रशिक्षु अधिकारियों का दल रविवार दोपहर विश्वविद्यालय परिसर पहुंचा। कई घंटे तक चले भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न कृषि फार्म एवं परियोजनाओं का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान ऑर्गेनिक फार्म, डेयरी, सब्जी विज्ञान, उद्यान समेत विभिन्न विभागों में संचालित गतिविधियों के बारे में वैज्ञानिकों ने उन्हें विस्तार से जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षु अधिकारियों को जैविक खेती की तकनीक, दुग्ध उत्पादन, सब्जी एवं उद्यानिकी फसलों के उत्पादन तथा कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया। अधिकारियों ने कृषि उत्पादन से जुड़ी तकनीकों, प्रयोगों और विश्वविद्यालय की ओर से किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली।
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं को लेकर वैज्ञानिकों से सवाल किए। वैज्ञानिकों ने अधिकारियों के सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए कृषि अनुसंधान, नई तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। अधिकारियों ने भ्रमण के दौरान मिली महत्वपूर्ण जानकारियों और प्रमुख बिंदुओं को अपनी नोटबुक में भी दर्ज किया।
भ्रमण दल में शामिल 47 प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों में बड़ी संख्या में खंड विकास अधिकारी, आरटीओ समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों को कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं, परियोजनाओं तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य बताया गया।
भ्रमण के दौरान मिल्कीपुर तहसीलदार राजीव कुमार वर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशिक्षु अधिकारियों का विश्वविद्यालय में भ्रमण कराया गया है, जिससे उन्हें कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों और परियोजनाओं की व्यवहारिक जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संस्थान में चल रहे अनुसंधान, कृषि परियोजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई।