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पशुपालकों के आर्थिक उन्नयन के लिए बढ़ाना होगा वैज्ञानिक दायरा : सूर्य प्रताप शाही

दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का कृषि मंत्री ने किया उद्घाटन

मिल्कीपुर । नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या में बुधवार को न्यू होराइजनस इन एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन ऑपर्चुनिटीस फ़ॉर डबलिंग फार्मर्स इनकम विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित पशु वैज्ञानिकों व पशु चिकित्सकों तथा कृषि वैज्ञानिकों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को गतिमान करने के लिए भरपूर योगदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की इच्छा है कि यह विश्वविद्यालय शीघ्र ही देश के सबसे आगे की श्रेणी के विश्वविद्यालयों में शामिल हो और इसके लिए पग पग पर विश्वविद्यालय का सहयोग प्रदेश सरकार कर रही है। राष्ट्रीय कार्यशाला के विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान आवश्यकता यह है कि हमारा पशुधन किसानों व पशुपालकों के आर्थिक उन्नयन में कैसे और सहयोग करे इस पर हमारे वैज्ञानिकों को कार्य करना होगा। यह चुनौती है कि हम प्रदेश की मांग के अनुरूप अंडा, मछली व दुग्ध उपलब्धता कैसे सुनिश्चित करें।
कृषि मंत्री ने कहा कि हमारेई गायों व भैंसों की प्रति इकाई उत्पादकता को दोगुना करने की चुनौती है यदि हम ऐसा कर सके तो प्रदेश की कृषि विकासदर 10 प्रतिशत पहुंच सकती है। कृषि मंत्री ने हाल में प्रकाशित आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश 18वीं पायदान से तीसरी पायदान पर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है जो प्रदेश सरकार की सफल कृषिनीति का द्योतक है।
कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से स्थिर विश्वविद्यालय ने गति पकड़ ली है ऐसा प्रतीत होने लगा है और इसके लिए कुलपति प्रो जे एस संधू द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। श्री शाही ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रेषित परियोजनाएं बिना किसी विलम्ब के स्वीकृत हो रही हैं अब हमें इन परियोजनाओं के परिणाम का इंतजार है।
कृषि मंत्री ने महाविद्यालय की पशु पॉलीक्लीनिक, डेयरी तथा प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक बनाने के लिए विश्वविद्यालय से प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया और कहा कि इसके लिए धन की कमी नही होने पाएगी। इससे पूर्व उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो जे एस संधू ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय वैज्ञानिक विचार आदान प्रदान का सशक्त माध्यम है ऐसे कार्यक्रम होने से कार्यक्षमता में वृद्धि होती है और वैज्ञानिकों की सोच का दायरा बढ़ता है। कुलपति ने कृषि मंत्री को आश्वस्त किया कि वे विश्वविद्यालय को आगे ले जाने में भरसक प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय के वेटनरी कालेज में प्रयोगशालों, पाली क्लीनिक, डेयरी प्रछेत्र को सुदृढ़ करेंगे। कार्यक्रम को प्रबन्ध परिषद के सदस्य व विधायक बाबा गोरखनाथ, उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष विधायक डीसी वर्मा, नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर डॉ. ए.के सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने स्मारिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व अतिथियों ने मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो जे एस संधू ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्र तथा स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। अधिष्ठाता पशु पालन डॉ वी के सिंह ने कुलपति को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र प्रदान किया। कार्यक्रम में ईरी के डॉ उमाशसनकर सिंह, भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष शिवकुमार मौर्य पूर्व कृषि निदेशक डॉ मुकेश गौतम समेत विश्वविद्यालय के अधिकारी कर्मी व विद्यार्थी उपस्थित रहे। कसर्यक्रम के अंत में आर के वी वाई के नोडल आफिसर डॉ सुशांत श्रीवास्तव ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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