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सनातन मूल्यों की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है साहित्य परिषद् : विजय त्रिपाठी

अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की अयोध्या इकाई घोषित

अयोध्या। विदेशी आक्रमणों से जूझते रहने और विधर्मियों के शासन में भी भारतीय भाषाओं में साहित्य सृजन सनातन मूल्यों के अनुरूप होता रहा। किंतु सबसे कठिन चुनौती आज़ादी के बाद प्रारंभ हुई जब नवनिर्माण या पुनर्निर्माण की बात चली। नवनिर्माणवादियों द्वारा हमारे ज्ञान विज्ञान, धर्म आध्यात्म और दर्शन से भरपूर वैदिक, पौराणिक, संस्कृत सहित अन्य भारतीय भाषाओं के साहित्य को नकारा जाने लगा। भौतिकवादी साहित्य सत्ता के संरक्षण में हावी हुआ और भारतीय मूल्यों को तिरस्कृत किया जाने लगा। काव्य की सरसता क्षीण हो गई। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ऐसे कालखंड की चुनौती को स्वीकार कर आगे बढ़ रहा है और समस्त भारतीय भाषाओं के विकास के साथ ही साहित्य के माध्यम से सनातन मूल्यों की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।

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उक्त बातें परिषद के अवध प्रांत अध्यक्ष विजय त्रिपाठी ने अयोध्या इकाई की घोषणा करते हुए परिषद् का उद्देश्य स्पष्ट किया। यह कार्यक्रम अवध विश्वविद्यालय के संत कँवरराम साहिब सिंधी अध्ययन केंद्र में आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि साहित्यकार किसी विचार में बंधकर रचना नहीं कर सकता परन्तु उसकी भावभूमि में राष्ट्रीय और सांस्कृतिक तत्व हैं तो वे उसके सृजन में अवश्य परिलक्षित होंगे।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अयोध्या महानगर संघचालक डॉ विक्रमा प्रसाद पाण्डेय ने अपने संबोधन में इकाई गठन पर हर्ष व्यक्त किया और इसे सक्रिय रखने के लिए सतत बैठकें और कार्यक्रम होते रहने का सुझाव दिया।नवगठित ईकाई के अध्यक्ष साहित्य भूषण प्रमोदकांत मिश्र ने सामयिक चुनौती को अपने संबोधन में रेखांकित किया। प्रांत प्रचार प्रमुख सर्वेश पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए। संगठन का परिचय और कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करने के साथ ही कार्यक्रम का संचालन परिषद के महामंत्री ज्ञानप्रकाश टेकचंदानी ’सरल’ ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व प्रकाश रूपन की सरस्वती वन्दना से हुआ। घ्ईकाई की उपाध्यक्ष स्वदेश मलहोत्रा का काव्य पाठ भी हुआ।

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इस मौके पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद् , अयोध्या इकाई की प्रांत अध्यक्ष विजय त्रिपाठी ने विधिवत घोषणा की। संरक्षक- डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह, अध्यक्ष- प्रमोदकांत मिश्र, उपाध्यक्ष- डॉ.स्वदेश मल्होत्रा, डॉ वीएन अरोड़ा, महामंत्री- ज्ञानप्रकाश टेकचंदानी ’सरल’, संयुक्त महामंत्री- डॉ. असीम त्रिपाठी, मंत्री- अमित कुमार मिश्र, देशदीपक मिश्र, योगेश त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष-विश्वप्रकाश रूपन, मीडिया प्रभारी- दीपक मिश्र, कार्यकारिणी समिति सदस्य- विजय रंजन,पूनम सूद, मीनू दूबे, प्रत्याशा मिश्रा, डॉ उषा त्रिपाठी, व्योमकांत मिश्र, भावेश त्रिपाठी, राजेश तिवारी, अमित शंकर, जयप्रकाश क्षेत्रपाल, प्रदेश प्रतिनिधि डॉ सत्यप्रकाश त्रिपाठी।इस शुभ अवसर पर प्रो.आरके सिंह,रामप्रकाश त्रिपाठी,शिवम पांडेय, रामप्रकाश दूबे तथा राजेन्द्रप्रसाद त्रिपाठी,अरुण सिंह, देवेंद्र मिश्र आदि उपस्थित थे।

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