-14 नवंबर तक आवेदन स्वीकार करेगा नगर निगम, महापौर ने दी जानकारी
अयोध्या। वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत बकाया कर जमा करने पर ब्याज से मुक्ति मिलेगी। यह जानकारी महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने बुधवार को अयोध्या धाम स्थित जोनल कार्यालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत आगामी 14 नवंबर 2026 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
महापौर ने कहा कि जिन लोगों का कर लंबे समय से बकाया है और ब्याज लगने के कारण कर जमा करने में आर्थिक परेशानी हो रही थी, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत कर पर लगाया गया 12 प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। यह योजना आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार के भवनों पर लागू होगी।
उन्होंने बताया कि अयोध्यावासियों की निरंतर मांग को देखते हुए उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया था। सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए ओटीएस योजना लागू की है। महापौर ने इसके लिए मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री का आभार जताया।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत आवेदकों को तीन समान मासिक किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी जाएगी। योजना नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी प्रकार के भवनों, औद्योगिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सरकारी कार्यालयों पर लागू होगी।
25,761 बकाएदार उठा सकते हैं योजना का लाभ : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के ऐसे 25,761 बकाएदार इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, जिन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से कर जमा नहीं किया है और जिस पर ब्याज लग चुका है। उन्होंने बताया कि नगर में कुल 61,915 करदाता हैं, जिनमें से करीब 20 हजार करदाताओं ने टैक्स जमा कर दिया है।
उन्होंने बताया कि कुल बकाया 21 करोड़ 12 लाख 36 हजार 392 रुपये है। इसमें ओटीएस योजना के अंतर्गत अनुमानित बकाया राशि पर ब्याज की धनराशि सात करोड़ 39 लाख 32 हजार 737 रुपये है। उन्होंने बताया कि योजना एक अप्रैल 2026 तक के बकाएदारों पर लागू होगी। योजना के तहत मूल कर बकाया और वर्तमान मांग की धनराशि जमा करनी होगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी गजेंद्र कुमार ने बताया कि ओटीएस योजना में धनराशि नगद अथवा डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करने का प्रावधान है। चेक स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के लिए ओटीएस पोर्टलhttps://upulbots.in के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ऑफ लाइन जमा करने के लिए कर दाता बिल अथवा भुगतान की रसीद लेकर आएं। इस मौके पर अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार भी मौजूद रहे।
महापौर ने गोवंश संरक्षण के लिए गोनिधि में सहयोग मांगा
-महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने नगरवासियों से गोवंश संरक्षण के लिए स्थापित गोनिधि में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 50 रुपये नगर निगम की ओर से पांच रुपये प्रति गोवंश और उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान में करीब 3,700 गोवंश संरक्षित हैं। उनके संरक्षण और खान-पान के लिए और धनराशि की जरूरत है। ऐसे में समाज के लोग क्यूआर कोड के माध्यम से गोनिधि में योगदान करें, जिससे गोवंश का संरक्षण और बेहतर ढंग से किया जा सके।
अयोध्यावासी नियमित करें रामचरितमानस का अध्ययन
-वशिष्ठ फाउंडेशन के अध्यक्ष महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने नगरवासियों से रामचरितमानस का नियमित अध्ययन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे अयोध्या में राममय वातावरण और मजबूत होगा। उन्होंने होटल व्यवसायियों और होम स्टे संचालकों से भी आग्रह किया कि वे अपने प्रत्येक कमरे में रामचरितमानस रखें, ताकि रामलला का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार रामचरितमानस का पाठ कर सकें और आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिसिंचित होकर लौटें।