-बोले-चयन समिति व प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद के प्रति हृदय से आभारी
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्रा अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए पहली बार अयोध्या पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने पर ट्रस्ट की ओर से उनका स्वागत किया गया। ट्रस्ट का विशेष वाहन उन्हें एयरपोर्ट से रिसीव करने के लिए पहले से मौजूद था। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने नई जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण और पवित्र बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपे जाने के लिए वह चयन समिति, ट्रस्ट के सदस्यों और प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद के प्रति हृदय से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि यह उनकी अयोध्या की पहली यात्रा है और फिलहाल वह औपचारिक रूप से पदभार संभालने के साथ ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को समझना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के साथ मिलकर तैयार की जाने वाली विस्तृत कार्ययोजना जल्द ही साझा की जाएगी। एयरपोर्ट से एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा सीधे श्रीराम जन्मभूमि परिसर के लिए रवाना हुए। यहां वह बाल स्वरूप रामलला के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ उनकी महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बैठक में मंदिर निर्माण से जुड़े शेष कार्यों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और ट्रस्ट की आगामी योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के सामने अयोध्या में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के साथ ट्रस्ट की आगामी योजनाओं को गति देने की चुनौती भी होगी।
वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियां तय होने के बाद गुरुवार को नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली बैठक सम्पन्न हुई। रामघाट स्थित कार्यशाला के श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र कार्यालय में हुई बैठक में ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर मंथन किया गया। बैठक में राम मंदिर के नवनियुक्त सीईओ पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, महासचिव गोविंद देवगिरी, कोषाध्यक्ष महेश भागचंद, ट्रस्टी मदन मोहन पांडे सहित अकाउंटिंग व्यवस्था से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
ट्रस्ट में पदाधिकारियों के बदलाव के बाद हुई यह पहली बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और वित्तीय व्यवस्था को लेकर आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होने की बातें कही जा रही थीं। बैठक में लेखा-जोखा, अकाउंटिंग व्यवस्था और ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज से जुड़े विषयों पर भी पदाधिकारियों को जानकारी दी गई।