-5585 आवेदनों की समीक्षा के बाद 16 अभ्यर्थियों से किया गया संवाद, अंतिम निर्णय न्यास द्वारा किया जाएगा
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के सफल समापन की घोषणा करते हुए कमेटी ने मंगलवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए तीन योग्य प्रत्याशियों का एक पैनल दिया गया है। सर्च कमेटी में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी. के. चतुर्वेदी, चतुर्वेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वेटेरन, और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं।
उनका सामूहिक अनुभव रक्षा, न्यायपालिका और प्रशासन के क्षेत्रों में विस्तृत है, जिसने इस महत्वपूर्ण कार्य के सफलता पूर्वक संचालन और प्रत्याशियों के मूल्यांकन में विविध दृष्टिकोण प्रदान किया है। सर्च कमेटी द्वारा रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण के समय संत गोविन्ददेव, कोषाध्यक्ष व ट्रस्टी, संत दिनेंद्र दास, ट्रस्टी, कृष्ण मोहन, महासचिव, ट्रस्टी, शशांक त्रिपाठी, जिलाधिकारी, अयोध्या, दिनेश, विशेष आमंत्रित सदस्य, जगदीश आफले, सचिव, जगन्नाथ गुलवे व बजरंग बागड़ा की उपस्थिति रही। चयन प्रक्रिया कठोर, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम थी।
शुरुआत 5,585 आवेदनों से हुई और समिति ने एसआई तकनीक और मैनुअल प्रोसेस को संयुक्त करते हुए एक बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई, जिसमें दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर-उड़ीसा में टीमों ने समांतर कार्य करते हुए पूरी प्रक्रिया को त्रुटि रहित व सरल बनाने का कार्य किया। यह दृष्टिकोण संस्थागत कठोरता और जनता की भागीदारी दोनों को प्रतिबिंबित करता है। कठोर शार्टलिस्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से 16 अंतिम प्रत्याशी चुने गए, जिन्होंने 11 और 12 अगस्त 2026 को अयोध्या में प्रत्यक्ष संवाद में हिस्सा लिया।
यह प्रक्रिया 6 जुलाई 2026 को चयन समिति का गठन, 11 जुलाई 2026 को प्रथम बैठक, चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड, 14 जुलाई 2026 को समीर पंडा कमेटी के सचिव नियुक्त व 18 जुलाई 2026 को आवेदन प्रक्रिया बंद की गयी। शेष जुलाई 2026 को प्राप्त आवेदनों की समीक्षा व मूल्यांकन, 3-6 अगस्त 2026 को ऑनलाइन संवाद प्रक्रिया व 11-12 अगस्त 2026 को तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या में अंतिम 16 आवेदकों से विस्तृत प्रत्यक्ष संवाद किया गया। इसके बाद पूरी प्रक्रिया को टीम के सदस्यों के प्रयासों ने संभव बनाया।
नितेश मिश्रा व निप्पन दास ने प्रौद्योगिकी-सक्षम स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित किया। ज्ञान रंजन पंडा व वैभव सखाराम जपे ने पूरी प्रक्रिया में निर्बाध प्रणाली और तकनीकी सहायता सुनिश्चित की। निखिल श्रीवास्तव ने अंतिम चरण के संवाद के लिए निर्बाध समन्वय व पब्लिक रिलेशन संबंधित कार्य सुनिश्चित किया। चयन समिति उनकी प्रतिबद्धता और अथक सेवा के लिए आभारी है, जिसने इस महत्वपूर्ण कार्य को निर्धारित समय से पहले पूरा करना संभव बनाया।
अपने व्यापक मूल्यांकन के आधार पर, 1 सितंबर, भाद्रपद कृष्ण पक्ष चतुर्थी के शुभ दिवस पर सर्च कमेटी, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को तीन अत्यंत योग्य प्रत्याशियों का एक पैनल सौंप रही है। ये प्रत्याशी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन विशेषज्ञता, सत्यनिष्ठा और दृष्टिकोण के सर्वाेच्च स्तर का प्रतिनिधित्व करते हैं। अग्रिम निर्णय व तदनुसार आधिकारिक घोषणा न्यास के माध्यम से होनी सुनिश्चित है। संपूर्ण प्रक्रिया योग्यता-आधारित चयन, संस्थागत उत्कृष्टता, पारदर्शिता और व्यावसायिक आचरण के उच्चतम मानकों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है।