-कुल 702 शिकायतों में 97 का मौके पर निस्तारण, शेष शिकायतों को एक सप्ताह में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश
अयोध्या, । संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने तहसील मिल्कीपुर में आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। इस अवसर पर विधायक मिल्कीपुर चंद्रभानु पासवान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर श्री पवन कुमार शर्मा सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी के समक्ष मुख्य रूप से भूमि विवाद, सड़क, सुरक्षा, पेंशन, चकबंदी, चकमार्ग, अतिक्रमण, विद्युत आदि से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग से संबंधित मामलों में आपसी समन्वय से स्थलीय जांच कराते हुए निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
तहसील मिल्कीपुर में जिलाधिकारी के समक्ष कुल 310 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 35 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। इसी क्रम में जनपद की अन्य तहसीलों में भी संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। सदर तहसील में प्राप्त 93 शिकायतों में से 20, सोहावल में 116 में से 11, रुदौली में 103 में से 21 तथा बीकापुर में प्राप्त 80 शिकायतों में से 10 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया।
संपूर्ण समाधान दिवस में अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ पवन तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं, परिक्रमा मार्ग से संबंधित प्रतिकर भुगतान के मामले में शिकायतकर्ता की समस्या का समय से निस्तारण न किए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लेखपाल श्री सुमित ठाकुर का वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी।
पोषण माह के अंतर्गत प्रदर्शनी का किया अवलोकन, बच्चों का कराया अन्नप्राशन

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने माननीय विधायक मिल्कीपुर श्री चंद्रभानु पासवान के साथ तहसील परिसर में पोषण माह के अंतर्गत लगाई गई आंगनवाड़ी प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने पोषण संबंधी गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी ली तथा लोगों को संतुलित आहार एवं कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं विधायक द्वारा दो बच्चों का अन्नप्राशन तथा दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई गई।