-आरोपी कार मिस्त्री को एक साल पहले ट्रस्ट में मिली थी नौकरी
अयोध्या। राम मंदिर के दानपात्र से धन गबन के आरोप में रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में छापेमारी कर 10 से 12 लाख रुपये बरामद किए गए। कार्रवाई राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई। बरामदगी आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से हुई, जो मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत रहा है।
लवकुश के पिता बच्चूलाल ने बताया कि ट्रस्ट के तीन-चार लोग उनके घर पहुंचे और ताला तोड़कर नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस धन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि वे गाजियाबाद में रह रहे थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है और मकान निर्माण के लिए उन्होंने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखा है। ग्रामीणों के अनुसार, लवकुश पहले कार मिस्त्री था और मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली थी। वहीं गांव में यह भी चर्चा है कि कुछ रुपये घूर में छिपाकर रखे गए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद किया है।
आरोपी युवक लवकुश मिश्रा (27 वर्ष) राम मंदिर में कर्मी के तौर पर कार्यरत रहा। उस पर दानपात्र के चढ़ावे के पैसे का गबन करने का आरोप है। लवकुश के पिता बच्चूलाल ने बताया कि राम मंदिर से चंपत राय सहित तीन-चार लोग उनके घर आए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है। यह मकान उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखकर बनवाया है। मेरा लड़का पिछले 5-6 महीने से राम मंदिर में काम कर रहा था। उसे वहां रवि मिश्रा ने काम पर लगवाया था।
रवि मिश्रा हमारे समधी हैं। फैजाबाद में जिस मकान का निर्माण हो रहा है, उसके लिए हमने बहुत पहले जमीन खरीद ली थी। उस जमीन और मकान से मेरे लड़के का कोई लेना-देना नहीं है। मैं करीब 10-12 बीघा खेत गिरवी रखकर मकान बनवा रहा हूं। मेरा लड़का जो पैसा राम मंदिर से लेकर आया था, उसे जो लोग यहां आए थे, वे अपने साथ लेकर चले गए। अब उससे हमारा कोई मतलब नहीं है।
रामजन्मभूमि चढ़ावा में चोरी के मामले में तहरीर, उच्चस्तरीय जांच व कार्रवाई की मांग
अयोध्या। वर्तमान में चर्चा में चल रहे रामजन्मभूमि चढ़ावा में चोरी के मामले में हिंदूवादी संगठन की ओर से शनिवार को सीओ अयोध्या को तहरीर सौंपी गई है। इसकी प्रतिलिपि एसएसपी को संबोधित की गई है। तहरीर में मामले की सक्षम एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी कर्मियों तथा पदाधिकारियों के खिलाफ जांच करवा कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अयोध्या को सौंपी गई शिकायत में संगठन के विक्रम मणि तिवारी का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर देश विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र हैं। इसी श्रद्धा और विश्वास के कारण देश-विदेश से आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान और मंजूर को दान देते हैं। मौजूदा समय में मीडिया और समाज में राममंदिर के चढ़ावे में गबन अथवा वित्तीय अनियमितता की चर्चा चल रही है। कहा जा रहा है कि कुछ लोगों से दान की हड़पी है रकम बरामद भी हुई है और गिनती कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे में कुछ लोगों के खिलाफ साक्ष्य भी मिले हैं।
यह कृत्य और घटना भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध ही नहीं बल्कि करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाओं को क्षति पहुंचाने वाला है। ऐसे में आपराधिक साजिश,गबन और धोखाधड़ी,धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने वाला है। ऐसे में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर पूरे प्रकरण की विवेचना कराई जाए और इस हाई प्रोफाइल प्रकरण की किसी स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय एजेंसी जैसे सीबीआई, ईडी,ईओडब्ल्यू अथवा अन्य सक्षम एजेंसी से दानराशि के संग्रहण, गणना, परिवहन एवं बैंक में जमा करने की संपूर्ण प्रक्रिया तथा मामले में संलिप्त कर्मचारी,अधिकारी और ट्रस्ट पदाधिकारी के भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए जांच के निष्कर्ष को सार्वजनिक किया जाए तथा दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।