-पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था व सर्तकता पर फिर उठे सवाल
अयोध्या। कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को कचहरी परिसर में बने लॉकअप से पेशी के लिए लाया गया एक कैदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के बाद कचहरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने फरार कैदी की तलाश में कई टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है।
फरार कैदी की पहचान दीपक कुमार उर्फ दीपू के रूप में हुई है। वह कैंट थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले का आरोपी है और दर्शननगर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, उसे एसीजेएम प्रथम की अदालत में पेशी के लिए कचहरी लाया गया था। बताया जा रहा है कि पेशी के दौरान वह कोर्ट परिसर में कटघरे के पीछे से पुलिस को चकमा देकर निकल गया। कुछ देर बाद कैदी के फरार होने की जानकारी होने पर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। कचहरी परिसर के आसपास तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया गया। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही अन्य स्रोतों से भी फरार कैदी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। कैदी के फरार होने के संबंध में अलग से अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि अयोध्या में कैदियों के फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिला कारागार से दो कैदी फरार हो चुके हैं, जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। ऐसे में कचहरी परिसर जैसे संवेदनशील स्थान से कैदी के फरार होने की घटना ने पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दस हजार की रिश्वत के आरोप में लेखपाल गिरफ्तार
सोहावल-तहसील। क्षेत्र में एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में एक लेखपाल को गिरफ्तार किया। कुछ देर के लिए तहसील के लेखपालों में हड़कंप मच गया । जानकारी के अनुसार एंटी करप्शन टीम के प्रभारी हरिओम मिश्रा ने आरोपी लेखपाल उत्कर्ष दीप को हिरासत में लिया। आरोप है कि अमित कुमार दुबे पुत्र देव करण दुबे निवासी पारा कैल एक पैमाइश के मामले में उसने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया।
लेखपाल के पकड़े जाने की जानकारी होने पर उसके साथी लेखपाल पूरा कलंदर थाने पहुंच गये। मामले की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी सोहावल गजेंद्र सिंह ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरोपी लेखपाल को निलंबित करने के आदेश दिए जाने की बात सामने आई है। कार्रवाई के बाद तहसील क्षेत्र में राजस्व विभाग के कर्मचारियों में चर्चा का माहौल बना हुआ है।