-जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक कर दिए निर्देश

अयोध्या,। जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (नगर) योगानंद पाण्डेय, एडीएम (एफआर) अमित कुमार भट्ट, एडीएम (प्रशासन) अनिरुद्ध प्रताप सिंह सहित सभी उपजिलाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व से संबंधित कार्यों एवं जन शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि आईजीआरएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निपटारे में लापरवाही या औपचारिकता न बरती जाए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक समाधान किया जाए।
लापरवाही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी उपजिलाधिकारी अपने लेखपालों की साप्ताहिक समीक्षा अवश्य करें। चक मार्ग या ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे पर संबंधित लेखपाल की जवाबदेही तय की जाए। अपने तहसीलों के क्षेत्राधिकारियों के साथ लगातार सम्पर्क में रहें। तहसील फाइलों का रख-रखाव बेहतर रखा जाए। फॉर्मर रजिस्ट्री,पुराने प्रकरणों के निस्तारण में प्रगति लाई जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण, भूमि विवादों के प्रभावी समाधान तथा अभिलेखों के अद्यतन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण कर जनता की समस्याओं को मौके पर सुनें और उनका समाधान सुनिश्चित करें।
डीएम ने आईजीआरएस की समीक्षा कर दिए निर्देश
जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस (समेकित शिकायत निवारण प्रणाली) की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह भी उपस्थित रहें।
बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित एवं निस्तारित शिकायतों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं सीधे दर्ज कराते हैं। अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण पारदर्शी एवं तथ्यात्मक ढंग से सुनिश्चित किया जाए तथा फीडबैक की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।