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पद्मश्री शेखर सेन ने तुलसीदास पर की एक पात्रीय संगीतमय प्रस्तुति

मरीशस के उद्योगपति आरपीएन सिंह ने अरिणमा सिन्हा को दिया 25 लाख का चेक

अयोध्या। डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में अपराह्न 3 बजे दिव्य प्रेम सेवा मिशन, अयोध्या इकाई एवं अवध विश्वविद्यालय पुरातन छात्र सभा के संयुक्त तत्वाधान में पद्मश्री शेखर सेन द्वारा तुलसी दास पर एक पात्रीय संगीतमय प्रस्तुत्ति की गई। इस अवसर पर मारीशस के उद्योगपति आरपीएन सिंह, विश्वविद्यालय की सम्मानित पुरातन छात्रा श्रीमती मिथिलेश सिंह, दिव्य सेवा मिशन के आशीष , पद्मश्री पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा कार्यक्रम की प्रमुख आकर्षण केंद्र रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान सबको ऐसी ही बेटियां दे जो देश के लिए बहुमूल्य योगदान दिया। प्रो0 दीक्षित ने कहा कि मालवीय जी के व्रत ने विश्व का एक मात्र उत्कृष्ट विश्वविद्यालय बना दिया। आज के समय मे विश्वविद्यालय उपाधि प्रदान कर रहे है पर संस्कार नही दे रहे है। कुलपति ने कहा कि आज कोई कार्य कम समय मे ही हो सकता इसके लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। प्रो0 कुलपति ने सहयोग की मात्रा महत्वपूर्ण नही है बल्कि सहयोग महत्वपूर्ण होता है। आज विश्वविद्यालय का नाम विश्व के विकसित देशों में नाम लिया जा रहा है। छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़ा होना चाहिए और संस्कृति से पता चलता है कि हम किस संस्कृति के ताकत है।
उद्योगपति आर पी एन सिंह ने कहा कि आप सभी को बताने में मुझे हर्ष हो रहा है कि आई कैम्प में अभी तक 4 हजार से अधिक लोगो के आँख का ऑपरेशन एवं चश्मे वितरित कराए। मुझे यहां बहुत ही स्नेह एवं सम्मान मिला है अयोध्या का आज पूरे विश्व में नाम है लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इसका समुचित विकाश नही किया। उन्होंने वायदा किया कि शीघ्र प्रयास से एयर कनेक्टिविटी शुरू हो जाएगा। उन्होंने जन समूह से कहा कि उड़ान योजना में अयोध्या को सी ग्रेड को ए ग्रेड में लाया जाए। उन्होंने पुरातन छात्र सभा को आश्वासन दिया कि जब मेरी आवयश्कता होगी हम उपस्थित रहेंगे। साथ ही राम जी की प्रतिमा के निर्माण में सहयोग करने का वायदा किया।
दिव्य सेवा मिशन के आशीष ने कहा कि गोस्वामी तुलसी दास जी ने राम को विश्व समुदाय के बीच ले गए। विश्व मे सर्वाधिक बिकने वाली रामचरित मानस उनके भक्त तुलसी दास जी ने किया जो युगों युगों तक हमारे बीच भक्ति की धारा प्रवाहित होती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब हिमालय जब पिघलता है तब गंगा निकलती, सरयू निकलती है तब वनस्पतियां निकलती है। जल ही सुख समृद्धि प्रदान करती है।
कार्यक्रम में पर्वरोही अरुणिमा सिन्हा को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 दीक्षित ने विश्वविद्यालय का झंडा एवं आर पी एन सिंह ने मारिशस के राष्ट्र का झंडा साउथ पोल पर लगाने के लिए प्रदान किया। 25 लाख का चेक भी आर पी एन सिंह ने अरुणिमा को दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माँ की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट के साथ पुरातन छात्र सभा के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, सदस्य इंदु भूषण पांडेय, सचिव डॉ विनोद कुमार चौधरी, प्रशान्त केसरवानी,रुपक श्रीवास्तव, अनुरोध श्रीवास्तव, जनार्दन पांडेय, उपाध्यक्ष अनुराग वैश्य, मीरा यादव एवं अनामिका पांडेय ने किया। संचालन विवेकानंद पांडेय एवं कार्यपरिषद सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन पुरातन सभा के सदस्य अनुराग वैश्य ने किया।
इस अवसर अधिकारी श्री राम बलभाकुंज के रामदास जी एवं अन्य संत, मुख्य नियंता प्रो0आर एन राय, प्रो0 अजय प्रताप सिंह, प्रो0 हिमांशु शेखर सिंह, डॉ0 विनोद चौधरी, प्रो0 चयन कुमार मिश्र, प्रो0 एस0 के0 रायजादा, प्रो0 एस0एस0 मिश्र, डॉ0 शैलेन्द्र कुमार, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका विजय गुप्ता डॉ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी, डॉ0 आर एन पांडेय, डॉ0 विनय मिश्र, डॉ0 ऋषिराज सहित गण्यमान्य उपस्थित रहे।

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