-लापरवाह कर्मचारियों पर की सख्त कार्रवाई, जिले में तहसील दिवस में कुल 913 शिकायतें प्राप्त, 94 का मौके पर निस्तारण
अयोध्या। जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने तहसील बीकापुर में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर भी उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान चकमार, सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक मार्गों पर अवैध अतिक्रमण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने समीक्षा में पाया गया कि हल्का असकरनपुर के तत्कालीन लेखपाल सर्वेश कुमार मिश्रा द्वारा चकमार के सार्वजनिक रास्ते पर दीवार बनाकर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए संबंधित लेखपाल के तत्काल निलंबन हेतु उपजिलाधिकारी को आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त लेखपाल आस्था, गुलशन भारती, गोसिया खानम एवं प्रिया पाण्डेय द्वारा सरकारी भूमि, चकमार एवं सार्वजनिक मार्गों पर हुए अतिक्रमणों को हटाने में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी को इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जनपद की सभी तहसीलों में कुल 913 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 94 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
तहसीलवार प्राप्त शिकायतों में बीकापुर में 330 में से 30, सदर में 102 में से 12, मिल्कीपुर में 185 में से 20, रुदौली में 166 में से 18 तथा सोहावल में 130 में से 14 शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। समाधान दिवस में संबंधित उपजिलाधिकारी संतोष, क्षेत्राधिकार सुनील कुमार,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेंद्र भिटौरिया, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम के निर्देश पर बीकापुर के लेखपाल सर्वेश कुमार मिश्र निलंबित
अयोध्या। जनपद में राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी बीकापुर द्वारा प्रशासनिक कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने वाले क्षेत्रीय लेखपाल सर्वेश कुमार मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उप जिलाधिकारी बीकापुर ने बताया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान मधुसूदन मिश्र, निवासी ग्राम असकरनपुर, तहसील बीकापुर द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई थी कि गाटा संख्या 419 (रास्ता भूमि) पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध अतिक्रमण किया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित लेखपाल द्वारा प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई न करते हुए गलत ढंग से धारा-67 की कार्यवाही की गई तथा अपने कार्यकाल के दौरान अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि वर्तमान लेखपाल क्षेत्र दयालजोत के अंतर्गत राजस्व ग्राम सफीपुर में गाटा संख्या 184 (नाली) एवं गाटा संख्या 179 (चकमार्ग) पर भी अवैध अतिक्रमण होने के बावजूद तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल श्री सर्वेश कुमार मिश्र द्वारा आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। जबकि ग्राम सभा की भूमि, सार्वजनिक मार्ग, नाली एवं चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त रखना क्षेत्रीय लेखपाल का प्राथमिक दायित्व है।तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत जांच आख्या मे सर्वेश कुमार मिश्र को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उप जिलाधिकारी बीकापुर द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि में उन्हें वित्तीय नियमों के अनुसार नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही अन्य अनुमन्य भत्तों का भुगतान शासनादेशों एवं निर्धारित शर्तों के अधीन किया जाएगा। विभागीय जांच की निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नायब तहसीलदार शाहगंज को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि नियमानुसार आरोपपत्र तैयार कर विभागीय जांच शीघ्र पूर्ण करते हुए अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करें। निलंबन अवधि में सर्वेश कुमार मिश्र को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय, तहसील बीकापुर से संबद्ध किया गया है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े मामलों, ग्राम सभा की भूमि एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर एवं समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उर्वरक बिक्री केंद्रों पर आकस्मिक छापेमारी
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के किसानों को खरीफ 2026 के दौरान यूरिया सहित अन्य रासायनिक उर्वरकों की निर्धारित दर पर उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा कालाबाजारी एवं जबरन टैगिंग पर रोक लगाने के उद्देश्य से उर्वरक बिक्री केंद्रों पर लगातार आकस्मिक निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर अनियमितताएं पाए जाने तथा किसानों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक ’’02 उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी’’, ’’05 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस’’ जारी किए गए हैं, जबकि ’’02 उर्वरक लाइसेंस निलंबित’’ किए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। वर्तमान में ’’यूरिया 45,043 मीट्रिक टन, डीएपी 8,399 मीट्रिक टन, एमओपी 1,150 मीट्रिक टन, एनपीके 8,465 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 24,425 मीट्रिक टन’’ का भंडार उपलब्ध है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार निकटतम पीसीएफ समिति अथवा अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेता से अपनी खतौनी/फार्मर आईडी के आधार पर निर्धारित मात्रा में उर्वरक खरीदकर उसका संतुलित उपयोग करें, जिससे फसल उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि हो सके। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से यह भी अपील की है कि यदि कोई उर्वरक विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचता है अथवा जबरन टैगिंग करता है, तो इसकी शिकायत तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम ’’मोबाइल नंबर 9554741267’’ पर दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि शिकायत सत्य पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध ’’उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985’’ एवं ’’आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’’ के प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई करते हुए उर्वरक विक्रय लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित अथवा निरस्त किया जाएगा।