अयोध्या। गायत्री पब्लिक स्कूल रेवतीगंज में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें महात्मा गांधी के व्यक्तित्व, कृतित्व, संघर्षों और देश के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया।
विद्यालय के प्रबंधक उमा शंकर शुक्ल ने कहा कि स्वदेशी मुहिम के प्रेरणास्रोत महात्मा गांधी सदैव धार्मिक सद्भाव और सामाजिक सुधार के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने सत्य और अहिंसा को प्रभावी माध्यम बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके विचारों और संघर्ष की पद्धति ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला जैसे विश्व के प्रमुख नेताओं को भी प्रभावित किया।
प्रधानाचार्या शिखा दूबे ने कहा कि महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, नमक सत्याग्रह, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों के माध्यम से स्वतंत्रता संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने और देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांत आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक हैं।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया। यह दिवस महात्मा गांधी के अहिंसा और शांति के विचारों को विश्वभर में प्रसारित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रभा शंकर शुक्ल, आलोक दूबे, मोहनीश गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, आर डी पाण्डेय, शिव सागर, शशांक गौतम आदि मौजूद रहे।