-प्रशासन ने अस्पताल को किया सील, कई खामियां आई सामने

अयोध्या। कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित बल्ला हाता मोहल्ले में मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। प्रसूता के परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए प्रसव के दौरान किसी चिकित्सक के न होने व गम्भीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए कोतवाली नगर में तहरीर दी गई है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित बल्लाहाता रिकाबगंज में मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान महिला और उसके नवजात की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। महताब बाग बेनीगंज निवासी सुरेश यादव के अनुसार, 31 मार्च की दोपहर करीब 1ः30 बजे उन्होंने अपनी पत्नी सोनी यादव को प्रसव पीड़ा होने पर बल्लाहाता रिकाबगंज स्थित मां परमेश्वरी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया था।

मृतका सोनी यादव (फाइल फोटो)
आरोप है कि भर्ती के समय चिकित्सक द्वारा स्थिति सामान्य बताई गई और जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित होने का भरोसा दिया गया। परिजनों का कहना है कि देर रात करीब 12ः10 बजे महिला को लेबर रूम में ले जाया गया, जहां कुछ समय बाद नवजात को परिजनों को सौंपते हुए बताया गया कि उसकी सांसें नहीं चल रहीं। जब बच्चे को चिकित्सक के पास ले जाया गया तो उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसी बीच महिला की हालत बिगड़ने की जानकारी दी गई। परिजन तत्काल उसे एम्बुलेंस से दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को भी मृत घोषित कर दिया। सुरेश का आरोप है कि प्रसव के समय कोई भी योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था और पूरी डिलीवरी अस्पताल स्टाफ द्वारा कराई गई।
उनका कहना है कि चिकित्सीय मानकों की अनदेखी और लापरवाही के चलते ही यह घटना हुई है। मामले में सुरेश यादव ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बुधवार को अस्पताल पहुंचकर जांच की और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया।
प्रारंभिक जांच में अस्पताल में कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रसव के दौरान पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था और विशेषज्ञ डॉक्टर की मौजूदगी नहीं थी, जिससे लापरवाही की आशंका जताई जा रही है सीएमओ के निर्देश पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित डॉक्टर और स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।