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मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत हैं ज़रीन अंसारी की कविताएँ: यदुनाथ सिंह मुरारी

कवयित्री ज़रीन अंसारी के प्रथम काव्य संग्रह ‘लफ़्ज़ों की दास्तान’ का हुआ लोकार्पण

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ज़रीन के अश’आरों से गुलज़ार हुई शाम-ए-अवध

लखनऊ। अवध की ख़ुशनुमा शाम ढलने के साथ ही आज शायरी के फ़लक़ पर ‘लफ़्ज़ों की दास्तान’ कविता संग्रह के ज़रिये युवा कवयित्री एवं लेखिका ज़रीन अंसारी के रूप में एक जगमगाता सितारा नमूदार हुआ है। यह कहना है राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित लेखक एवं संपादक यदुनाथ सिंह मुरारी का।
श्री मुरारी आज शाम लखनऊ स्थित अरमा द लाउन्ज गेम स्टेशन के मुक्ताकाश मंच पर कवयित्री ज़रीन की पहली किताब के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। पुस्तक का लोकार्पण करते हुए इस मौके पर उन्होंने कहा कि ज़रीन की कविताएँ मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत हैं। भावनाओं की खूबसूरत रवानी और दिल की तह को टटोलने वाली अनुभूति इनकी कविताओं में देखी जा सकती है। बिना लाग-लपेट के मन की सीधी-सच्ची बात कविताओं के ज़रिये कहना ज़रीन की विशेषता है।

लोकार्पण कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए वन्यजन्तु विज्ञानी एवं शिक्षाविद् डॉ.जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि मानवीय संवेदनाओं की मूलाधार प्रकृति है। धरती के समस्त प्राणी परस्पर संवेदनाओं से सम्बद्ध है। प्रतिभाशाली कवयित्री ज़रीन अंसारी ने अन्तर्मन की भावनाओं की अभिव्यक्ति नैसर्गिक रूप में की है। यही ज़रीन के सृजन की विशेषता है।
कार्यक्रम में कवयित्री ज़रीन ने अपनी कविताओं का पाठ किया। अपनी पुस्तक को लेकर उपस्थितजनों के प्रश्नों के ज़वाब भी दिए। कार्यक्रम को बिग एफ एम के रेडियो जॉकी रफत और रेडियो मिर्ची के प्रतीक ने भी संबोधित किया। पुस्तक के प्रकाशक देवव्रत दुबे, फ़िल्म स्क्रिप्ट रायटर अरविन्द कुमार गुप्ता, लेखिका ज़रीन की माँ श्रीमती शाहीन अंसारी ने भी संबोधित कर लेखिका की सफलता हेतु कामना की।
लोकार्पण कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। तदुपरांत मुख्य अतिथि और विशेष अतिथि को पुष्पगुच्छ और प्रतीक चिह्न भेंट किये गए। कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन उद्घोषिका श्रेया अवस्थी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सिनेमा और थियेटर के लेखक-निर्देशक आरव आर्यवंशी, शिया पी. जी.कालेज के व्याख्याता प्रदीप शर्मा, तरुण जी, अभिषेक, मॉर्डन गर्ल्स कालेज की सुनयना अस्थाना, रेखा पचौरी के अतिरिक्त अमरीन, गुलनाज, फराह, खालिद, फुरकान, अनीस, राजेश सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

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( लखनऊ से अरविन्द गुप्ता की रिपोर्ट )

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