-अवध विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. आलोक मनदर्शन ने अपने संबोधन में कहा कि अज्ञानता, संकोच, अंधविश्वास और सामाजिक कलंक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचने में सबसे बड़ी बाधाएँ हैं। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अधिकांश मानसिक समस्याओं की शुरुआत किशोरावस्था और युवावस्था में ही हो जाती है। इसे छिपाने या कमजोरी मानने के बजाय समय पर लक्षणों को पहचान कर विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।
डॉ. मनदर्शन ने युवाओं में अकादमिक दबाव, करियर की चिंता, पारिवारिक विवाद, अकेलापन और नशे की लत जैसे तनाव के कारकों पर चर्चा करते हुए आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव से जूझ रहे व्यक्तियों को दोष देने के बजाय धैर्यपूर्वक सुनना और सहयोग देना जरूरी है। साथ ही, संतुलित दिनचर्या, गुणवत्तापूर्ण नींद और नियमित व्यायाम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य बताया।
इससे पूर्व, समाज कार्य विभाग के समन्वयक डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का समापन डॉ. प्रभात सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस अवसर पर पल्लव पांडेय, सीमा तिवारी, स्वतंत्र त्रिपाठी, प्रशांत, सलोनी, काजल, एहतेशाम, कुमकुम, सत्यम, राहुल, पीयूष मिश्रा, खुशी, साक्षी, पारुल, राजकुमार सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी व शिक्षक उपस्थित रहे।