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मरीज की मौत पर चार घंटों तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा

अस्पताल में घंटों मरीज तड़पता रहा और स्वास्थ्य केंद्र पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था

मिल्कीपुर। हैरिंग्टनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बीती रात एक मरीज की मौत पर कई घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। काफी पुलिस फोर्स और गणमान्य लोगों के समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। पीड़ित पक्ष किसी भी मायने में अस्पताल परिसर से मृतक का शव ले जाने के पक्ष में नहीं था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में घंटों मरीज तड़पता रहा और स्वास्थ्य केंद्र पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। यहां तक कि अस्पताल के कर्मी भी घंटों अनुनय विनय के बाद अपने कमरे से निकलकर स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचे।

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बताया गया कि शुक्रवार की रात ग्राम पाराताजपुर मजरे पूरे शादी का पुरवा निवासी कृष्णानंद राय (55) की अचानक तबीयत खराब हो गई। परिजन उनको लेकर इलाज के लिए रात करीब 9ः00 बजे पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज पर पहुंचे। जहां पर कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। परिजन इधर-उधर दौड़ते रहे। लेकिन कोई स्वास्थ्य कर्मचारी मरीज के पास तक आने को तैयार नहीं हुआ। परिजनों ने जब हंगामा मचाना शुरू किया तो अस्पताल परिसर में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी स्वास्थ्य केंद्र पर आए। लेकिन तब तक मरीज की हालत काफी सीरियस हो चुकी थी। आनन-फानन में एंबुलेंस के लिए कॉल की गई। वह भी घंटो बीत जाने के बाद नहीं पहुंची। हंगामा बढ़ता देख स्वास्थ्य कर्मियों ने पुलिस को फोन किया। हालांकि पुलिस आधे घंटे के अंदर मौके पर पहुंच गई। इसी दरमियान समय से इलाज ना मिल पाने के कारण मरीज कृष्णानंद राय की मौत हो गई।

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मौके पर पहुंची पुलिस परिजनों को समझाने बुझाने का प्रयास करने लगी। लेकिन परिजन काफी गुस्से में थे। वह कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे। फिर थाने से भी अतिरिक्त पुलिस की व्यवस्था की गई। रात साढ़े 11 बजे जिले से प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. डीएन द्विवेदी को भी आना पड़ा। अधिकारियों/ कर्मचारियों के घंटों मान मनौव्वल के बाद करीब 4 घंटे चले हंगामे को रात करीब 1ः00 बजे विराम लग सका। परिजनों का आरोप है कि हैरिंग्टनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक बड़ी आबादी वाले क्षेत्र की स्वास्थ्य सुरक्षा का दायित्व है। लेकिन इसके बावजूद रात में कोई भी डॉक्टर यहां मौजूद नहीं रहता है। यही नहीं लोगों का यह भी आरोप है कि सारे डॉक्टर निजी क्लीनिक पर बैठते हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों से भी वह प्राइवेट में दिखाने के लिए दबाव बनाते रहते हैं। इस बारे में हैरिंग्टनगंज के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर डीएन द्विवेदी से उनकी राय जानने के लिए कई बार फोन किया गया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

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