बिजली के लिए 60 घण्टे से तरस रहे दो उपकेंद्रों के डेढ़ लाख लोग

कुटीर उद्योग व लोगों के मोबाईल फोन तक ठप्प।

बूंद-बूंद पेयजल को तरस रहे हैं लोग

हैरिंग्टनगंज-फैजाबाद।  कुमारगंज विद्युत सप्लाई केंद्र से हैरिंग्टनगंज व शाहगंज दो विद्युत उपकेंद्रों पर पिछले 60 घंटों से करीब डेढ़ लाख लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं। आलम यह है कि सारे मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गए हैं और लोगों के घरेलू उद्योग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। यहां तक कि लोग बूंद-बूंद पीने के पानी को भी तरसने लगे हैं।जहां टंकी से पानी की सप्लाई होती थी वहां पानी का अकाल सा पड़ गया है। मजे की बात यह है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग के इंजीनियर नई लाइन का फाल्ट नहीं ढूंढ पाए हैं।हालांकि वर्षों से बन्द पड़ी पुरानी लाइन से सप्लाई देने का प्रबंध किया जा रहा है।  इस बारे में मिल्कीपुर के एसडीओ सुजीत चौधरी ने फोन पर बताया कि लाइन ठीक की जा रही है।जल्द ही सप्लाई शुरू हो जायेगी।  वहीं कुमारगंज 33 केबी विद्युत आपूर्ति केन्द्र से जब पूछा गया तो पता चला कि अभी तक नई लाइन का फाल्ट नहीं मिला है।
      बताते चलें कि पिछले सोमवार को हैरिंग्टनगंज और शाहगंज दो विद्युत उपकेंद्रों की बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। मंगलवार और बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि बस अभी 1 घंटे में बिजली आती है। अभी 2 घंटे में बिजली आती है। लेकिन बिजली नहीं आई। बृहस्पतिवार से बिजली विभाग के अधिकारी फोन रिसीव करना भी बंद कर दिए। ऐसे में क्षेत्र के लाखों लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। इलाके के सारे मोबाइल बिजली ना मिलने से स्विच ऑफ हो गए हैं और घरेलू उद्योग पूरी तरह से ठप हो गए हैं। बरसात के मौसम में लोग पेयजल के लिए बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
       वहीं विद्युत उपकेन्द्र हैरिंग्टनगंज के हरिनाथपुर फीडर के उपभोक्ताओं को रविवार से ही बिजली सप्लाई नहीं मिल पायी।आलम यह है कि लोगों के मोबाइल फोन तक ठप्प हो गए हैं।हालांकि शुक्रवार को 33 केबी की पुरानी लाइन को पुनः चालू किया गया, लेकिन विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।लोगों में जनप्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्याप्त हो गया है।
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