-विश्वविद्यालय कर्मियों पर प्रशासनिक शिकंजा कसना शुरू, विश्वविद्यालय कर्मियोंकी लापरवाही को एवं मटरगश्ती को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति सख्त
मिल्कीपुर । आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज में चरमराई प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए विश्वविद्यालय के नवागत कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर प्रशासनिक शिकंजा शुरू कर दिया है। अब कृषि विश्वविद्यालय के सभी सरकारी वाहनों में जीपीएस लगेंगे। जिससे वाहनों की लोकेशन और ट्रैकिंग विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन से हो सकेगी। इससे सरकारी वाहनों का दुरुपयोग पर पूरी तरह से अंकुश लग जाएगा।
यही नहीं विश्वविद्यालय के कार्यालयों में अधिकारियों कर्मचारियों के लिए लंच का समय भी सुनिश्चित कर दिया गया है। जिसके तहत अब मात्र 1:00 बजे से 1:30 बजे तक के ही बीच लंच अवधि होगी। पहले लंच का कोई समय ही निश्चित नहीं था और विश्वविद्यालय कर्मी लंच का बहाना बनाकर अपने पटलों से गायब हो जाते थे और मटरगश्ती में मशगूल रहते थे। प्राय: देखा जाता था कि सभी कर्मी लगभग 3:00 बजे के बाद ही अपने पटलों पर वापस लौटते थे।
विश्वविद्यालय कर्मियों की जल्द शुरू होगी ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था
यही नहीं विश्वविद्यालय कर्मियों की ऑनलाइन उपस्थिति भी उनके मोबाइल से ही दर्ज किए जाने की व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन ने तेजी के साथ शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के आदेश के बाद विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ सुशांत श्रीवास्तव की ओर से इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी सरकारी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगा दिया जाएगा और वाहनों के ट्रैकिंग और लोकेशन की मॉनिटरिंग एक अलग मॉनिटरिंग सेल द्वारा की जाएगी। इससे विश्वविद्यालय के सरकारी वाहनों का दुरुपयोग पूरी तरह से रोका जा सकेगा। उन्होंने बताया कि कुलपति महोदय की ओर से विश्वविद्यालय हित में लगातार कठोर से कठोर निर्णय लिए जा रहे हैं। उनका पूरा प्रयास है कि कृषि विश्वविद्यालय आने वाले समय में अपना विशेष स्थान स्थापित करे।
उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता हटाए गए, डॉ भगवानदीन बने डीन हॉर्टिकल्चर
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर स्थित उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ भानु प्रताप को विश्वविद्यालय हित में तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर पूर्व में अधिष्ठाता रहे डॉ भगवानदीन की पुनः डीन हॉर्टिकल्चर पद पर ताजपोशी कर दी गई है।