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नकली नोटों का कारोबार करने वाले पुलिस के हत्थे चढ़े चार युवक

भारी मात्रा में 2000 और 500 के नकली नोट बरामद

बाराबंकी। जनपद के सतरिख थाना प्रभारी ने मुखबिर की सूचना पर छापा मार करके नकली नोटों का कारोबार करने वाले चार शातिर जालसाजों को धर दबोचा। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में 500 और 2000 हजार के नकली नोट बरामद किये। पुलिस ने धारा 489बी, 489सी/489डी के तहत मुकदमा दर्ज करके चारो जालसाजों को जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने इस गुडवर्क से खुश होकर पुलिस टीम को बधाई दी है।

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जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी सतरिख बृजेश कुमार वर्मा को मुखबिर ने सूचना दी कि ग्राम गोकुलपुर के पास स्थित बीजेमऊ नहर पुलिया के निकट दो बाइकों पर सवार चार व्यक्ति नकली नोटों का कारोबार करते हैं और भारी मात्रा में नकली नोट लेकर जा रहे हैं। इसी सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सतरिख बृजेश कुमार वर्मा अपने सहयोगी पशुपतिनाथ तिवारी व अन्य साथियों के साथ में छापा मार करके बाइक सवार जनपद लखनऊ के थाना आलमबाग के मोहल्ला प्रेमनगर निवासी सौरभ तिवारी पुत्र गिरजा शंकर तिवारी, जनपद अयोध्या के थाना रुदौली सूजागंज निवासी शिवशंकर वर्मा पुत्र हीरालाल वर्मा इसी जनपद के थाना पटरंगा के ग्राम सुलेमानपुर निवासी मो. अलीम पुत्र लाल मोहम्मद इसी जनपद के थाना रुदौली के ग्राम सूजागंज निवासी रितिक मिश्रा पुत्र हरी मोहन मिश्रा को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से दो लाख 11 हजार रुपये के नकली नोट एक लैपटाॅप, एक चार्जर, प्रिन्टिंग स्कैनर, चार मोबाइल फोन, ए4 साइज सादे कागज व दो मोटर साइकिल बरामद की। इन मोटर साइकिलों से यह लोग नकली नोट लाने व चलाने का काम करते थे।

पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने जानकारी के देते हुए बताया कि पकड़े गये आरोपी शिवशंकर वर्मा थाना पटरंगा क्षेत्र के दीवाली चैराहे पर जनसेवा केन्द्र चलाता था वहीं पर लैपटाॅप से शिवशंकर वर्मा 500 और 2000 के नोटों को स्कैन कर लेते थे और इसके उपरांत लैपटाॅप पर अपलोड करके साफ्टवेयर के माध्य से नकली नोट तैयार करते थे। जो हुबहू असली नोटों की तरह नजर आते थे। पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि नकली नोटों को चलाने की जिम्मेदारी सौरभ तिवारी और रितिक मिश्रा की थी। यह लोग दस हजार के बदले तीस हजार रुपये के नकली नोट देते थे। रुपये लाने और ले जाने का काम चैथा आरोपी मो. अलीम के ऊपर था। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि जिन लोगों को यह लोग एक बार नकली नोटों की सप्लाई कर देते थे दोबारा उनके पास यह लोग नही जाते थे।

उन्होने यह भी बताया कि इन लोगों ने नकली नोटों का कारोबार अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, अमेठी और सुल्तानपुर में फैला रखा था। पुलिस अधीक्षक ने सतरिख पुलिस टीम को इस गुडवर्क से खुश होकर बधाई दी।

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