-लाखों रुपये खर्च कर तैयार किए गए पूजा पंडालों को हटाने का निर्देश, कमेटियों ने उठाए सवाल
मिल्कीपुर-अयोध्या। मिल्कीपुर क्षेत्र के हैरिंग्टनगंज अंतर्गत पलिया चौराहा पर पिछले 45 वर्षों से लगातार लगने वाले दुर्गा पूजा पंडाल को लेकर बिजली विभाग और पूजा कमेटी के बीच विवाद गहरा गया है। विद्युत वितरण निगम के उपखंड अधिकारी ने बिजली की हाईटेंशन लाइन और एलटी लाइन के नीचे बनाए गए पूजा पंडाल को तत्काल हटाने अथवा सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का नोटिस जारी किया है। वहीं नोटिस मिलने के बाद दुर्गा पूजा कमेटी के सदस्यों ने गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताया है।
कमेटी के सदस्यों ने नाराजगी जाहिर करते हुए यहां तक कहा कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे न तो दुर्गा प्रतिमा लाएंगे और न ही पूजा की स्थापना करेंगे। विद्युत वितरण उपखंड मिल्कीपुर के उपखंड अधिकारी की ओर से 9 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस में पलिया चौराहा स्थित श्री नव दुर्गा पूजा समिति के पंडाल का उल्लेख किया गया है। पत्र के मुताबिक, विभागीय स्थलीय निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पूजा पंडाल 11 केवी और 33 केवी हाईटेंशन लाइन अथवा एलटी लाइन के ठीक नीचे और अत्यंत नजदीक बनाया गया है। विभाग ने इसे विद्युत सुरक्षा मानकों के विपरीत बताते हुए तार टूटने, शॉर्ट सर्किट अथवा स्पार्किंग की स्थिति में आग लगने और जन-धन की गंभीर हानि की आशंका जताई है।
नोटिस में पूजा समिति को पंडाल और तोरण द्वार तत्काल प्रभाव से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने, विद्युत तारों से निर्धारित सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि नोटिस के बाद भी पंडाल नहीं हटाया गया और कोई अप्रिय विद्युत दुर्घटना हुई तो इसकी व्यक्तिगत एवं विधिक जिम्मेदारी संबंधित आयोजकों की होगी। साथ ही विद्युत अधिनियम 2003 के तहत कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है।
दूसरी ओर श्री नवदुर्गा पूजा कमेटी पलिया लोहानी के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान अभिषेक भद्र सिंह एवं कमेटी के सदस्यों का कहना है कि जब पूजा पंडाल लगाने की तैयारी शुरू हुई थी, तभी कमेटी की ओर से बिजली विभाग एवं स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई थी। इसके बावजूद उस समय पंडाल को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। अब जबकि लाखों रुपये खर्च करके पंडाल तैयार कर लिया गया है और दुर्गा पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, ऐसे समय में बिजली विभाग की ओर से पंडाल हटाने का नोटिस दिया जाना समझ से परे है।
कमेटी के सदस्यों का कहना है कि यह पंडाल वर्ष 1980 से इसी स्थान पर लगता आ रहा है। अभी तक कोई समस्या नहीं आयी है। कमेटी ने कहा कि यदि पंडाल से संबंधित कोई समस्या थी तो निर्माण शुरू होने के समय ही उन्हें अवगत कराया जाना चाहिए था, ताकि समय रहते दूसरी व्यवस्था की जा सकती। अंतिम समय में नोटिस मिलने से कमेटी के सामने आर्थिक नुकसान के साथ-साथ पूजा आयोजन को लेकर ही गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नोटिस से नाराज पूजा कमेटी के सदस्यों ने इसे अपने साथ नाइंसाफी बताते हुए कहा कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद अब पंडाल हटाना उनके लिए बेहद मुश्किल है। सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि इस समस्या का उचित समाधान नहीं निकाला गया तो वे दुर्गा प्रतिमा नहीं लाएंगे और न ही पूजा स्थापित करेंगे।
फिलहाल, इस मामले ने दुर्गा पूजा आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। एक ओर बिजली विभाग ने संभावित दुर्घटना और जनसुरक्षा का हवाला देते हुए पंडाल हटाने के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर कमेटी ऐन वक्त पर नोटिस जारी किए जाने से नाराज है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी और पूजा कमेटी आपसी समन्वय से कोई समाधान निकाल पाते हैं या नहीं, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन को लेकर बनी स्थिति स्पष्ट हो सके।