-भाकियू ने प्रदर्शन कर सौंपा मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने जा रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को पुष्पराज चौराहे पर प्रशासन द्वारा रोका गया, विरोध में भारतीय किसान यूनियन पदाधिकारियों द्वारा शासन- प्रशासन विरोधी नारे लगाए गए, नगर मजिस्ट्रेट तथा उप जिला अधिकारी बीकापुर ज्ञापन प्राप्त कर मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन में गन्ना मूल्य 700रू प्रति कुंतल घोषित करने, यूरिया खाद का थोक दर घोषित करने या थोक व्यापारियों को समाप्त कर फैक्ट्री से फुटकर विक्रेताओं तक सीधे पहचाने, छुट्टा जानवरों से खेती व दुर्घटनाओं को बचाने,बीकापुर तहसील मुख्यालय पर सब्जी मंडी की स्थापना करने, तमसा नदी (मडहा) का नहरीकरण करके जलस्तर बढ़ाने, स्मार्ट मीटर पूरी तरह बंद करने,आयुष्मान कार्ड बनाने में छरू व्यक्तियों के स्थान पर दो व्यक्तियों की शर्त रखने, आगामी सत्र में धान क्रय केन्द्रों की स्थापना करके धान खरीदने की गारंटी देने तथा गौशालाओं को उच्चीकृत करने की समस्याएं प्रमुख रही।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि जनता द्वारा जनता के लिए सरकार बनाने के बाद भी मुख्यमंत्री का जनता से न मिलना लोकतंत्र की हत्या है। और किसानों के देश में किसानों के प्रतिनिधि मंडल को जबरिया रोक देना राजशाही व तानाशाही है। जिसका प्रबल विरोध करते हैं। घनश्याम वर्मा ने कहां कि महंगाई तथा कृषि लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य 700रू प्रति कुंतल घोषित किया जाए, घनश्याम वर्मा ने कहा कि यूरिया की समस्या की जड़ थोक विक्रेता है समाधान हेतु यूरिया का थोक दर घोषित किया जाना चाहिए या फिर थोक व्यापारियों को समाप्त करके फैक्ट्री से फुटकर विक्रेता तक सीधे खाद पहुंचाया जाना चाहिए तभी यूरिया खाद की समस्या से निजात मिल पाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में घनश्याम वर्मा राष्ट्रीय महासचिव, राम गणेश मौर्य जिला अध्यक्ष,भागीरथी वर्मा जिला उपाध्यक्ष, संतोष वर्मा तहसील अध्यक्ष बीकापुर, जितेंद्र कुमार तहसील अध्यक्ष सोहावल, देवी प्रसाद वर्मा,मस्तराम वर्मा,जगदीश यादव, सुनील पाल, रामनरेश कनौजिया, विवेक पटेल, शिवराम शर्मा, सरोज वर्मा, आदि लोग शामिल रहे।