-स्वच्छता के दावों की खुली पोल, गलियों में कूड़े के ढेर, नालियों का गंदा पानी सड़कों पर

हैदरगंज गुरुद्वारा वाली गली
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में इन दिनों स्वच्छता का ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति केवल तस्वीरें देख ले तो उसे लगे कि शहर ने सीधे सिंगापुर की स्वच्छता व्यवस्था को चुनौती दे दी है। हर रविवार हर परिवार करे गंदगी पर प्रहार अभियान के तहत नेता और अधिकारी चमचमाती सड़कों पर झाड़ू चलाते और धूल हटाते दिखाई दिए। यहां फर्क बस इतना है कि झाड़ू से ज्यादा मेहनत कैमरे और फोटोग्राफर करते नजर आते हैं।
रामपथ और मुख्य मार्गों पर सफाई का ऐसा श्रृंगार किया गया है कि मानो गंदगी को वहां प्रवेश करने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़े। लेकिन जैसे ही कोई नागरिक गलियों और मोहल्लों की ओर कदम बढ़ाता है, स्वच्छता अभियान की वास्तविकता उसका स्वागत करती मिल जाती है। कहीं कूड़े के ढेर अपनी स्थायी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, तो कहीं नालियों का पानी सड़कों पर बहकर विकास की नई धारा का एहसास करा रहा है। गुलाबबाड़ी, हैदरगंज, ऋषि टोला और फतेहगंज की गलियों में जैसे क्षेत्रों में गंदगी मानो नगर निगम की ओर से स्थायी स्मारक के रूप में संरक्षित कर दी गई हो।

ऋषि टोला
स्थानीय लोग बताते हैं कि कूड़ा उठाने वाले वाहन शायद जीपीएस में इन इलाकों का रास्ता खोज रहे हैं। पुलिस लाइन के सामने कूडा डंपिंग यार्ड में बाहर तक कचरा फैल कर संक्रामक रोगों को बुला रहा है। सबसे रोचक प्रश्न यह है कि टैक्स तो पूरे शहर से लिया जाता है, लेकिन सफाई का लाभ चुनिंदा मार्गों तक ही क्यों पहुंचता है? ऐसा प्रतीत होता है कि स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य गंदगी हटाना नहीं, बल्कि गंदगी के सामने मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाना रह गया है। अब जनता इंतजार कर रही है कि अभियान कैमरे के फ्रेम से निकलकर कभी मोहल्लों की गलियों तक भी पहुंचेगा या नहीं।
समाजवादी पार्टी के महानगर सचिव हामिद मिशन जाफर ने नगर निगम पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों और फोटो तक सीमित दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी हकीकत नगर निगम के दावों से बिल्कुल अलग है और आम जनता गंदगी के बीच रहने को मजबूर है। नगर निगम के स्वच्छता अभियान और जमीनी हालात के बीच दिख रहे इस अंतर ने शहर में नई बहस छेड़ दी है। अब सवाल यह है कि क्या अभियान केवल दिखावा है या फिर गंदगी से जूझ रहे मोहल्लों तक भी इसकी पहुंच बनेगी।