-परिवार के डिमांड पर उपलब्ध कराया रक्त, पेश की सामाजिक एकता और मानवता की सेवा की मिसाल
अयोध्या। ब्लड मैन के रूप में चर्चित डॉ आशीष पाण्डेय दीपू ने एक बार फिर से सामाजिक एकता और मानवता की सेवा की मिसाल पेश की है। परिवार और दोस्तों की डिमांड पर जीवन और मौत से जूझ रही मुस्लिम नवजात के लिए रक्त उपलब्ध कराया है।
पड़ोसी जनपद अमेठी निवासी मो आदिल की नवजात बच्ची परवीन को रक्त की जरूरत थी। परिवार ने उसको उपचार के लिए बाराबंकी जनपद के दरियाबाद क्षेत्र स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करा रखा है। उपचार में जुटे डाक्टर ने बच्ची की जान बचाने के लिए परिवार को तत्काल ब्लड उपलब्ध कराने को कहा।
जिसके बाद बच्ची के पिता मो आदिल और उनके शुभचिंतक ब्लड हासिल करने के लिए जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक पहुंचे। ब्लड बैंक प्रशासन ने खून के बदले खून की शर्त बताई और डोनर लाने को कहा। बिटिया की जान बचाने के लिए उसके पिता मो आदिल और परिवार के लोगों ने रक्त देने की पेशकश की तो ब्लड बैंक के डाक्टर ने उनकी मेडिकल हिस्ट्री पूछी। दोनों लोग अभी कुछ दिनों पहलें किसी जरूरतमंद को रक्तदान कर चुके थे।जिस वजह से ब्लड बैंक के स्टॉफ ने तीन माह का समय पूरा न होने की वजह से इनका खून लेने से मना कर दिया और कोई अन्य डोनर लेकर आने को कहा।
नवजात बच्ची के पिता मो आदिल और उसके गांव के अन्य साथी जिला अस्पताल के ब्लड बैंक परिसर में दर दर भटक रहे थे और कोई उनकी मदद के लिए तैयार नहीं था। इसी बीच ब्लड के लिए परेशान परिजन जिला अस्पताल केबइमर्जेंसी ओपीडी में ड्यूटी कर रहे डॉ आशीष पाठक से मिले और अपनी व्यथा बताई। जिस पर डॉ आशीष पाठक ने उन लोगों को ब्लड के लिए डॉ आशीष पाण्डेय दीपू से संपर्क करने की सलाह दी।
“ब्लड मैन” के नाम से मशहूर डॉ आशीष पाण्डेय “दीपू” के बारे में जानकारी होने पर परेशान परिवार ने तत्काल “ब्लड मैन” डॉ आशीष पाण्डेय “दीपू” से संपर्क किया। समय समय पर रक्तदान शिविर आयोजित करने वाले और जरूरत पड़ने पर जरूरतमंद के लिए रक्त की व्यवस्था करने वाले डॉ आशीष पाण्डेय “दीपू” ने उनको निराश नहीं किया।
पूरा माजरा जाने के बाद तत्काल एक यूनिट ब्लड की व्यवस्था कर परेशान परिवार की मदद की। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परेशान परिवार को “ब्लड मैन” डॉ आशीष पाण्डेय “दीपू” ने तत्काल मनीष श्रीवास्तव का डोनर कार्ड दिलवाया।इसी डोनर कार्ड पर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक ने नवजात बच्चे की जीवन रक्षा के लिए रक्त दे दिया।