बाइक चोर गैंग के दो शातिर गिरफ्तार

चोरी की 6 बाइक बरामद

अयोध्या। वाहन चेकिंग के दौरान नगर पुलिस को उस समय सफलता मिली जब बाइक चोर गैंग के दो अभियुक्तों को पुष्पराज चैराहा के पास गिरफ्तार किया गया। चोरों की निशानदेही पर चुरायी गयी 6 बाइक भी पुलिस ने बरामद कर लिया। यह जानकारी कोतवाली नगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी सिटी अनिल कुमार सिंह ने दिया।
उन्होंने बताया कि चैकी प्रभारी रिकाबगंज ने पुष्पराज चैराहा पर 15 मई को करीब 9.30 बजे वाहन चेकिंग अभियान चला रखा था तभी दो लोग उधर से गुजरे संदेह होने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पकड़े गये अनीश कुमार पुत्र छेदी लाल निवासी कंदैला खडकपुर सरियावां चैराह थाना पूराकलन्दर व लाल बाबू पुत्र स्व. छेदराम निवासी खेमपुर गोसाईगंज थाना भीटी जनपद अम्बेडकरनगर हाल मुकाम लोको कालोनी कोतवाली नगर से जब कड़ी पूंछतांछ की गयी तो उन्होंने चुरायी गयी 6 बाइक को लोको कालोनी से बरामद कराया। लाल बाबू मृतक आश्रित के तहत रेल विभाग में मकैनिक पद पर तैनात है और उसे कालोनी में आवास आवंटित है। उन्होंने बताया कि अभियुक्तों ने पूंछताछ में बताया कि हम लोग उन मोटरसाइकिलों को चिन्हित करते हैं जिनका लाक ढ़ीला रहता है और लाक में चाभी आसानी से चली जाती है। घटना के समय एक व्यक्ति वाहन स्वामी पर नजर रखता है और दूसरा धीरेे से मोटर साइकिल की सीट पर बैठकर पहले कुछ देर इंतजार करता है उसी दौरान मौका पाकर चाभी लगाकर आॅन करता है जो बाइक आॅन हो जाती है उसे चोरी कर लोको रेलवे कालोनी के एक मकान में छिपाकर रख दिया जाता है बाद में मौका निकालकर बाइक बेंच दी जाती है और विक्री से जो पैंसा मिलता है उसे आपस में बांट लिया जाता है।
उन्होंने बताया कि बरामद की गयी बाइक में पैशन प्रो यूपी 42 वी 5598 पैशन प्रो यूपी 42 आर 3633, हीरो सीडी डान यूपी 43 इ 3260, पैशन प्रो यूपी 42 जे 0657, हीरो स्प्लेंडर यूपी 42एए 7796 व डिस्कवर बजाज यूपी 43 क्यू 4464 शामिल हैं। दोनो अभियुक्तों के विरूद्ध सम्बंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत है उन्हें जेल भोजा जा रहा है। बाइक चोरों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस दल में चैकी प्रभारी रिकाबगंज एसआई अमित कुमार, उप निरीक्षक देवेन्द्र नाथ राय, आरक्षीगण अच्छेलाल व संदीप यादव शामिल है। बाइक चोरों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस दल को एसएसपी ने 20 हजार रूपया पुरस्कार देने की घोषणा किया है।

इसे भी पढ़े  एक दिन के लिए कोतवाल बनी निशा तिवारी

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More