पाॅलीथीन पाबन्दी लगने के बाद सख्त हुआ प्रशासन

    डीएम ने अधिकारियों व व्यापारियों के साथ की बैठक

    पाॅलीथीन प्रतिबन्ध का कड़ाई से पालन के करने का दिया निर्देश

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    फैजाबाद। शासन के मंशानुरूप नुकसान देय पाॅलीथीन पर पूरी तरह पाबन्दी लगाने के लिये जिलाधिकारी डा. अनिल कुमार ने सभी उप जिलाधिकारी, वीडीओ, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत के अधिकारियों एवं व्यपारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े हुये लोगो के साथ बैठक कर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं उद्यमियों को स्वयं पाॅलीथीन का प्रयोग न करने एवं सभी लोगो को जागरूक करने व प्रतिबन्ध का कड़ाई से पालन के करने के निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि अब प्रदेश में 50 माइक्रोन से पतली पाॅलीथीन का इस्तेमाल एवं निर्माण पूरी तरह से प्रतिबन्धित है। उन्होनंे कहा कि 50 माइक्रोन से कम किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के प्रयोग, बेचने, आयात-निर्यात, भण्डारण एवं परिवहन आदि पूरी तरह से प्रतिबन्धित है तथा 15 अगस्त से थर्माकोल तथा प्लास्टिक से बने गिलास, प्लेट, चम्मच, कटोरी, पत्तल आदि सभी उत्पादो के प्रयोग, बेचने, आयात-निर्यात, भण्डारण एवं परिवहन आदि पूरी तरह से प्रतिबन्धित होगा। उन्होनंे कहा कि ऐसे प्लास्टिक पाॅलीथीन जो 50 माइक्रोन ऊपर है और उसके ऊपर मेनीफैक्चर के डिटीयल जैसे नाम, रजिस्ट्रेशन नम्बर आदि नही लिखा है तो किसी भी दशा मंे ऐसे उत्पादो का भी प्रयोग, बेचने, आयात-निर्यात, भण्डारण एवं परिवहन आदि पूरी तरह से प्रतिबन्धित है।
    उन्होनंे पाॅलीथीन या प्लास्टिक की सामग्री के प्रयोग पर प्रतिबन्ध का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि उल्लघंन करने का दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है। पहली बार उल्लघन करने पर 1 माह की सजा या 10 हजार रू0 का जुर्माना देना होगा। दूसरी बार के उल्लघंन पर 6 माह की जेल या 20 हजार रू0 तक का जुर्माना देना होगा। इसी तरह प्लास्टिक के केरीबैग के विक्रय, वितरण, उत्पादन, भण्डारण और परिवहन पर लगे प्रतिबन्ध का पहली बार उल्लघंन करने पर 6 माह की जेल या 50 हजार तक का जुर्माना देना होगा। दूसरी बार उल्लघंन पर 1 वर्ष तक की सजा एवं 1 लाख रू0 तक का जुर्माना देना होगा।
    जिलाधिकारी ने उद्यमियों से अनुरोध किया कि आप लोग प्लास्टिक व थर्माकोल से भिन्न ऐसे झोले/केरीबैग, पत्तल, दोना, गिलास, चम्मच, कटोरी आदि का उत्पादन करें जो इकोफ्रेन्डली हो। जिससे पर्यावरण के बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सके। उन्होनें कहा कि सभी एस0डी0एम0, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर आयुक्त, सीएमओ एवं अन्य चिकित्साधिकारी सभी अधिशाषी अभियन्ता व अन्य अधिकारीगण प्लास्टिक पर लगे प्रतिबन्ध का कड़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करें। किसी भी दशा में निर्देशो का उल्लघंन करने वालो को बक्शा नही जायेगा। जिलाधिकारी ने आम जनता से आवाहन किया कि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिये प्लास्टिक व थर्माकोल से निर्मित उत्पादो का प्रयोग छोड़कर कागज व जूट से बने हुये सामानो का प्रयोग करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अक्षय त्रिपाठी, नगर आयुक्त, एसपी सिटी, डीएफओ, सभी एसडीएम, तहसीलदार व अन्य विभागो से जुड़े हुये अधिकारी उपस्थित थे।