सोहावल। निजीकरण के विरोध में सोहावल तहसील के स्टांप विक्रेताओं और दस्तावेज लेखकों ने कामकाज ठप कर रजिस्ट्री कार्यालय के सामने अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गये हैं। इस दौरान सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की और उप निबंधक सोहावल को ज्ञापन सौंपा। सोमवार को रजिस्ट्री कार्यालय सोहावल के सामने प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रजिस्ट्री बैनामे का बहिष्कार कर पूरा दिन कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर गेट के सामने धरने पर बैठकर प्रदर्शन किया।
दस्तावेज लेखक सोहावल संघ अध्यक्ष लाल धर्मेंद्र प्रताप सिंह,कन्हैया बक्श सिंह,राकेश कन्नौजिया,सैय्यद जमशेद अहमद आदि ने कहा कि सरकार द्वारा निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदम से स्टांप विक्रेता और दस्तावेज लेखक एवं ई -स्टांपिंग संचालक जो वर्षों से उक्त कार्य से जुड़ा है। उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जायेगा। रोजी रोटी के लाले पड़ जायेंगे। दशकों से जो इस कार्य में जुड़े हैं। यह व्यवस्था निजी ठेके पर कर दी गई तो हम लोग कहां जायेंगे?
सरकार हम लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जा रही है। निबंधन विभाग के दिए गए आदेश को तत्काल वापस लिया जाय। इस दौरान वरिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार सिंह के साथ पहुंची रजिस्ट्रार नम्रता त्रिपाठी को दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प वेंडरों ने ज्ञापन सौंपा। धरने में प्रमुख रूप से प्रशांत कुमार सिंह, चंद्र प्रताप सिंह, शिवप्रसाद यादव,ओम प्रकाश पांडेय,मो0 आरिफ, संतोष कुमार सिंह, प्रिंस दुबे, लक्ष्मण, संतोष कुमार मिश्रा, बैजनाथ यादव,अनिल कुमार, जगत नारायण मिश्र, पप्पू पासी, सुधांशु यादव,राजेश शुक्ला, उमा कांत तिवारी, सौरभ तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्टांप वेंडर और दस्तवेज लेखक व मुंशी मौजूद रहे।