-नायब तहसीलदार को सौंपा राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन
अयोध्या। दिल्ली के जंतर-मंतर पर न्याय व जवाबदेही की मांग पर पिछले एक माह से चल रहे छात्र-युवा आंदोलन एवं 21 दिनों से अनशन पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन उठा ले जाने, अनशन पर बैठे अन्य छात्रों पर दमनात्मक कार्रवाई करने तथा छात्रों के संसद मार्च के समर्थन में सोमवार को अयोध्या जिला मुख्यालय तहसील सदर पर संयुक्त किसान मोर्चा व वामपंथी दलों ने एकजुटता मार्च निकाला और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि भ्रष्टाचार, पेपर लीक और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के सुनियोजित विनाश के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश का सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। इसलिए मोदी सरकार ने दमन का रास्ता चुना। आंदोलनकारियों की न्याय संगत मांगों पर विचार करने के बजाय सरकार ने धमकी, बल प्रयोग और असहमति के लोकतांत्रिक दमन को हथियार बना लिया है।
आगे कहा गया कि इस दमनकारी महौल में भी अनशनकारी छात्रों और देश के विभिन्न हिस्सों से जुटे छात्र-युवा सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक कार्यकर्ता संघर्ष की अगली कड़ी में आज दिल्ली में छात्र-युवा आंदोलन के आह्वान पर जंतर मंतर से संसद मार्च में शामिल हो रहे हैं। यह आंदोलन निश्चित तौर पर भ्रष्ट और अहंकारी मोदी सरकार को पीछे हटने को मजबूर करेगा और पेपर लीक के जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा होगा।
मार्च में संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मयाराम वर्मा, भाकपा जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी, भाकपा (माले) जिला प्रभारी अतीक अहमद, राज्य कमेटी सदस्य राम भरोस, भाकपा सहायक जिला सचिव शैलेन्द्र प्रताप सिंह, फॉरवर्ड ब्लॉक संयोजक हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, भाकियू नेता कमला प्रसाद बागी, रामजी राम यादव, आशीष पटेल, राम प्रसाद, अजय शर्मा चंचल, ओम प्रकाश यादव, यासीन बेग, दिलीप गुप्ता, अजीज उल्ला अंसारी, मोहन यादव, डॉव भगीरथ पटेल, भीम सिंह पटेल, शीला गौतम, मस्तराम वर्मा, दीपक कुमार वर्मा आदि लोग शामिल रहे।