-सीएचसी से जिला अस्पताल लाते समय हुई ट्रक चालक की मौत
अयोध्या। जनपद के अलग अलग थाना क्षेत्रों में रविवार को हुए सड़क हादसों में एक युवक की मौत हो गई। जबकि दूसरे हादसे में घायल महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि रुदौली कोतवाली क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक नितेश पुत्र शिव चंदन घायल हो गया।
हादसे में घायल नितेश को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुदौली पहुंचाया गया। वहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुदौली से रेफर किए जाने के बाद 108 एंबुलेंस से उसको जिला अस्पताल लाया जा रहा था। एंबुलेंस में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) अजय कुमार मौजूद थे। जिला अस्पताल लाये जाने पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने परीक्षण किया तो पता चला कि उसकी पहले की मौत हो चुकी है। मृतक ट्रक का चालक अथवा खलासी बताया जा रहा है।
मामले की सूचना संबंधित ट्रक मालिक को दे दी गई है। घटना के संबंध में इलाकाई पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है और नगर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
उधर हादसे में पुराकलंदर थाना क्षेत्र के नंदा तिवारी का पुरवा निवासी विवाहिता पूनम 44 वर्ष पत्नी स्व श्रीनाथ गंभीर रूप से घायल हो गई। मामले की जानकारी पर महानगर मंत्री रवी सिंह ने घायल विवाहिता को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए मेमो नगर कोतवाली पुलिस को भिजवाया गया है।
आग से 75 फीसदी झुलसी विवाहिता, जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर
अयोध्या। तारुन थाना क्षेत्र के रामनगर खपरैला बाजार निवासी 24 वर्षीय कीर्ति पत्नी शिवाकांत आग से करीब 75 फीसदी झुलस गईं। गंभीर हालत में उनके पति शिवाकांत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सक डॉ. प्रज्ज्वल आनंद ने कीर्ति की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की सलाह दी। डाक्टर का कहना है कि विवाहिता के पकड़ों और शरीर से पेट्रोल की गंध आ रही थी। घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मामले की गंभीरता तथा मामला एक विवाहिता से जुड़ा होने के कारण मजिस्ट्रेट के बयान दर्ज कराने और जांच की प्रक्रिया के लिए मेमो भेजा गया है। घटना के कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।