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छह वर्षों का इंतजार खत्म, जिला अस्पताल पहुंची सीटी स्कैन मशीन

-पीपीपी मॉडल पर बहाल होगी सीटी स्कैन सुविधा

अयोध्या। लभगभ छह वर्षों से सीटी स्कैन सुविधा की बहाली का इंतजार कर रहे मरीजों का इंतजार खत्म होने को है। प्रदेश सरकार जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसके लिए अनुबंधित फर्म की ओर से भेजी गई सीटी स्कैन मशीन की यूनिट मंगलवार सुबह जिला अस्पताल पहुंच गई। मशीन के इंस्टालेशन को लेकर हृदय रोग यूनिट के बरामदे में कक्ष का निर्माण लगभग अंतिम चरण में है। हालांकि परीक्षण शुल्क को लेकर अभी संशय बरकरार है कि स्कैन के लिए पूर्व निर्धारित शुल्क लिया जाएगा अथवा इसमें बढ़ोतरी होगी या फिर यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

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गौरतलब है कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिला अस्पताल स्थित क्षेत्रीय निदान केंद्र में सीटी स्कैन मशीन की स्थापना कराई गई थी। परीक्षण के लिए मरीज से पांच सौ रुपये शुल्क लिया जाता था। हालांकि इस मशीन से सीमित जांचें ही हो पाती थीं। अप्रैल 2017 में सीटी स्कैन मशीन के खराब होने के बाद मरीजों, तीमारदारों, सामाजिक संस्थाओं तथा जनप्रतिनिधियों की ओर से मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सीटी स्कैन सुविधा बहाल कराने की मांग उठती रही, लेकिन लगभग छह साल बीत गए।

कुछ माह पहले गत वर्ष शासन के निर्देश पर सीटी स्कैन केंद्र की स्थापना को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी ओपीडी के सामने कक्ष का निर्माण शुरू कराया लेकिन रामपथ चौड़ीकरण को लेकर यह खटाई में पड़ गया तो हृदय रोग विभाग स्थित बरामदे में कक्ष का निर्माण शुरू हुआ। सूत्रों के मुताबिक शासन ने पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डायग्नोस्टिक कंपनी क्रेसना से अनुबंध किया है। क्रेसना कंपनी की ओर से केंद्र के संचालन के लिए सीटी स्कैन मशीन की पूरी यूनिट जिला अस्पताल को उपलब्ध कराई गई है। जिसका संचालन भी इसी कंपनी के कर्मियों की ओर से किया जाना है।

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आईसीयू बेड के साथ वेंटिलेटर की खेप भी मिली

-खत्म हो रहे वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिला अस्पताल में संसाधनों की उपलब्धता के तहत मुख्यालय की ओर से आईसीयू बेड के साथ वेंटिलेटर के कुल छह सेट उपलब्ध कराए गए हैं, जो जिला अस्पताल पहुंच गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि विभाग और शासन की यह कवायद लगभग दो-ढाई साल पूर्व बने कॉर्डियोलॉजी विभाग को आमजन के उपयोग के लिए सक्षम बनाने की है। जल्द ही कॉडियोलॉजिस्ट के तैनाती का भी अनुमान लगाया जा रहा है।

जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीबीएन त्रिपाठी का कहना है कि डायग्नोस्टिक कंपनी क्रेसना की ओर से सीटी स्कैन मशीन यूनिट भेजी गई है। मशीन का इंस्टॉलेशन कराने के बाद इसका संचालन और परीक्षण संबंधित कंपनी ही कराएगी। अभी उनको अनुबंध की शर्तें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। मेडिकोलीगल परीक्षण निशुल्क रहेगा। सरकारी फिजीशियन व सर्जन के परामर्श पर ही स्कैन की सुविधा उपलब्ध होगी।

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