राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रमाधिकारियों का हुआ दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

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चयनित कार्यक्रमाधिकारियों, स्वयंसेवकों व प्राचार्यों को किया गया पुरस्कृत

फैजाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रमाधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर व स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित एवं कार्यक्रम के समन्वयक डॉ0 समीर सिन्हा के संयोजकत्व में विश्वविद्यालय से संबद्ध 178 महाविद्यालयों के 278 कार्यक्रमाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने गांधी जी की 150 वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्र को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया था। हमारी भी मनोकामना है कि कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित स्वच्छ विद्यालय अभियान चलाकर देश को स्वच्छ बनाने के अभियान को सफल बनाने में महती योगदान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के प्रयोग का बहिष्कार करते हुए अपने सम्मान में दिये गये पॉलीथिन में रखे पुष्प गुच्छ से मना करते हुए इसे व्यवहारिक रूप देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने कहा कि सेवा स्वयं सेवा है। सेवा अनुदान नहीं चाहती, दान दान होता है, प्रतिदान की उपेक्षा के बिना। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने स्वयंसेवकों की सेना बनाई थी उसके बदले में प्रतिदान नहीं चाहती थी, यही सेवा है। दिव्य दीपोत्सव की सफलता स्वयंसेवकों की सेवा का प्रतिफल है। प्रो0 दीक्षित ने कहा कि हम स्वागत पुष्प गुच्छ देकर न करें बल्कि पुस्तक गुच्छ देकर करे, इसका हमें संकल्प लेना चाहिए। समारोह को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि पूर्व राज्य सम्पर्क अधिकारी एवं वतर्मान प्राचार्य बाबा बरूआ दास पी0जी0 कालेज परईया आश्रम के डॉ0 एस0बी0 सिंह ने रासेयो के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने अपनी सेवा से ज्ञान के प्रतीक के रूप में रामघाट पर दीप प्रज्ज्वलित कर गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में विश्वविद्यालय का नाम दर्ज कराने का गौरव प्राप्त किया है। डॉ0 सिंह ने कहा कि इसके पीछे कुलपति प्रो0 दीक्षित के कुशल मार्गदर्शन एवं कार्यक्रमाधिकारियों तथा स्वयंसेवकों के दृढ़ संकल्प को श्रेय दिया।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ0 समीर सिन्हा ने कुलपति को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि को कुलपति द्वारा स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम सत्र 2017-2018 हेतु विश्वविद्यालय स्तरीय स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार कुलपति द्वारा चयनित महाविद्यालयों के कार्यक्रमाधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं प्राचार्यों को प्रदान किया गया। संततुलसी दास महाविद्यालय कादीपुर, सुल्तानपुर तथा मुंशी रघु नन्दन प्रसाद सरदार पटेल महिला महाविद्यालय, बाराबंकी को संयुक्त रूप से श्रेष्ठ महाविद्यालय का पुरस्कार दिया गया। उत्कृष्ठ कार्यक्रमाधिकारियों का पुरस्कार डॉ0 नीतेश त्रिपाठी, डॉ0 जितेन्द्र सिंह, डॉ0 मो0 शमीम, डॉ0 प्रभात श्रीवास्तव एवं मंजुषा मिश्रा को दिया गया। उत्कृष्ट स्वयंसेवकों का पुरस्कार एमनबानों, सुधाषु वर्मा, सुभासिनी शुक्ला, सीमा चतुर्वेदी तथा राम रूप वर्मा को दिया गया।
कार्यशाला प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र को संबोधित करते हुए डॉ0 एस0बी0 सिंह ने रासेयो के उद्देश्य एवं महत्व कार्य योजना अभिलेखों के रखरखाव सहित अभिग्रहित ग्रामों में क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 आशुतोष सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य नियंता प्रो0 आर0 एन0 राय, प्रो0 समीर रायजादा, प्रो0 हिमांशु शेखर सिंह, डॉ0 के0एन0 मिश्र, डॉ0 वी0पी0 सिंह अध्यक्ष शिक्षक संघ, डॉ0 सहाब मिर्जा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की उपस्थिति रही।

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