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अविवि में उपलब्धियों से भरा रहा कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह का एक वर्ष

-विवि परिसर में शैक्षिक माहौल बनाने के साथ शोध को दिया बढ़ावा दिया

अयोध्या। डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह का एक वर्ष विश्वविद्यालय में उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा है। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के भू-भौतिकी विज्ञान के प्रो0 रविशंकर सिंह को 31 जुलाई, 2020 को डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या का 20 वां कुलपति नियुक्त किया गया। प्रो0 सिंह ने 31 जुलाई, 2020 को विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार ग्रहण किया। 31 जुलाई, 2021 को प्रो0 रविशंकर सिंह के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा हुआ। कई चुनौतियों के बीच कार्य करते हुए कुलपति ने मात्र वर्ष भर में ही विश्वविद्यालय में सफलता के कई मापदण्ड तय किए। उन्होंने परिसर में शैक्षिक माहौल बनाने के साथ शोध को बढ़ावा दिया। परिसर में इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज की स्थापना कुलपति प्रो0 सिंह की पहली प्राथमिकता रही है। इनके कुशल निर्देशन में परिसर में डी0 फार्मा एवं बी0फार्मा कोर्स संचालित किए जाने की सारी औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए सत्र 2021-22 के लिए प्रवेश ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके अतिरिक्त नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय के संघटक दो राजकीय महाविद्यालयों में बी0ए0 कोर्स चलाने की योजना बनी।

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कुलपति ने प्रदेश की राज्यपाल के दिशा-निर्देशन में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए विश्वविद्यालय द्वारा जनपद के 16 चयनित गावों में वृहद कोविड टीकाकरण जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने 11 अप्रैल से 14 अप्रैल, 2021 तक घर-घर जाकर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। कुलपति प्रो0 सिंह के दिशा-निर्देशन में परिसर के महिला अध्ययन केन्द्र एवं एक्टिविटी क्लब द्वारा ग्राम पंचायत माधवपुर मसौधा में महिला विस्तार गतिविधि के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कराया जा रहा है। इसमें महिलाओं को उनके स्वास्थ्य एवं महिलाओं से सम्बन्धित सरकार द्वारा की जा रही योजनाओं से परिचित कराया गया। कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह के अथक प्रयासों से वर्षों से विश्वविद्यालय में लम्बित नैक मूल्यांकन को पूर्ण कराया जिसके परिणाम स्वरूप विश्वविद्यालय को नैक रैंकिंग में बी-ग्रेड प्राप्त हुआ। कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने परिसर में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के साथ स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत सत्र 2020-21 से परिसर में कई नए रोजगार पाठ्यक्रमों का संचालन एवं शोधपीठ की स्थापना की। इसी क्रम में सेंटर फॉर पॉपुलेशन, कम्युनिटी हेल्थ एंड डेवलपमेंट, सरदार पटेल सेंटर फॉर नेशनल इंटीग्रेशन शोध-पीठों की स्थापना की। कुलपति ने कोविड-19 महामारी के संकट में भी छात्र-छात्राओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्लेसमेंट सेल द्वारा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यशालाएं आयोजित कराई एवं उन्हें रोजगार का अवसर भी प्रदान किया। परिसर में भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में भर्ती के लिए सेना के अधिकारियों द्वारा छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग भी कराई गई है।

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कुलपति प्रो0 सिंह के दिशा-निर्देशन में परिसर के छात्र-छात्राओं ने अखिल भारतीय स्तर की प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षाओं सहित नेट एवं जेआरएफ परीक्षाओं में नियमित रूप से उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्त की हैं। कुलपति जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत संपूर्ण परिसर में स्वैच्छिक श्रमदान एवं साफ-सफाई का कार्यक्रम भी अक्टूबर माह से निरन्तर प्रत्येक शनिवार को चलाया गया जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी तथा कर्मचारियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पक्षों से परिचित कराने के लिए शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मिशन-शक्ति अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं सम्मान में शारदीय नवरात्र से परिसर के वीमेन ग्रीवेंस एवं वेलफेयर सेल द्वारा विशेषज्ञों के व्याख्यानों से निरन्तर महिलाओं, बालिकाओं एवं अभिभावकों को जागरूक किया गया।

कई रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के साथ शोध-पीठों की स्थापना की गई

परिसर में कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह के कुशल मार्ग-दर्शन में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से नगर निगम, अयोध्या के सहयोग से टूरिस्ट गाइड का प्रशिक्षण-कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसके अतिरिक्त हेरिटेज वॉक व कई राष्ट्रीय शोध-संस्थाओं के साथ एमओयू किया गया। विश्वविद्यालय के सभी विभागों द्वारा छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास के लिए कई राष्ट्रीय सेमिनारों, वेबिनारों एवं कार्यशालाओं का आयोजन निरन्तर किया जा रहा है। कुलपति प्रो0 सिंह के सद्प्रयासों से छात्र-छात्राओं एवं सामान्य नागरिकों को विश्वविद्यालय की सूचनाएं आसानी से मिल सके, इसके लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट को कई छात्रोपयोगी फीचर्स के साथ अपग्रेड किया गया है। हेल्प लाइन नम्बर भी जारी किया है ताकि सूचनाओं को प्राप्त करने में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुपालन में ऑनलाइन शिक्षा से संबंधित ई-कंटेंट तैयार किए जाने के लिए परिसर एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित कराया। परिसर के सत्र को नियमित बनाये रखने के लिए संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों के साथ लगातार बैठके की गयी जिसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2020-21 के प्रवेश एवं मुख्य परीक्षा के परिणाम शीघ्र ही घोषित कर दिए गए। कुलपति प्रो0 सिंह ने विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के सर्टिफिकेट को ऑनलाइन उपलब्ध कराया। इस सर्टिफिकेट में डिजीटली सिग्नेचर से युक्त फोटो सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का व्यौरा भी उपलब्ध है। पहले यह प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी किया जाता रहा है। विश्वविद्यालय ने अयोध्या की पौराणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासतों को संजोने एवं उसे नयी ऊॅचाईयों तक पहॅुचाने में अपना सर्वोत्कृष्ट योगदान प्रदान किया है।

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इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रविशंकर सिंह ने अयोध्या के दिव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में सात हजार स्वयंसेवकों, छात्रों तथा शिक्षकों के साथ अयोध्या के पुण्यदायी घाटों पर एक बार में 6 लाख 6 हजार 569 दीपक जला कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में चौथी बार नाम दर्ज कराया हैं। इसके साथ ही राज्यस्तरीय अयोध्या हॉफ मैराथन एवं अन्तरविभागीय खेल-कूद प्रतियोगिता का कोविड-19 के प्रोटोकाल के अनुपालन में सफलतापूर्वक आयोजन भी कराया। कुलपति प्रो0 सिंह ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में परिसर में कक्षा-संचालन, शोध, सेमिनार, संगोष्ठी सहित अकादमिक गतिविधियों का संचालन सुचारू रूप से किया है। परिसर के सत्र को नियमित बनाये रखने के लिए संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों के साथ प्रवेश एवं परीक्षा सम्बन्धी कई बैठके की है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के प्रशासनिक निर्णय, बैठके एवं अन्य गतिविधियां सफलतापूर्वक सम्पन्न करायी गयी हैं। कुलपति प्रो0 सिंह परिसर में शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के उन्नयन के लिए निरंतर प्रयासरत् है।

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