मौसम का रौद्र रूप, खेतों में खड़ी धान-गन्ने व केले की फसलें धराशायी

by Next Khabar Team
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-किसानों की महीनों की मेहनत पर संकट, खेत से बाजार तक जनजीवन अस्त-व्यस्त, पशु-पक्षी भी बेहाल

अयोध्या ।पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम के बदले मिजाज का सबसे गंभीर असर इस समय खेतों में दिखाई दे रहा है। तैयार होने की कगार पर पहुंच चुकी धान और गन्ने व केले की फसलें तेज हवाओं और लगातार बारिश के बीच कई स्थानों पर खेतों में गिरने लगी हैं। महीनों की मेहनत के बाद फसल पकने के समय मौसम की यह मार किसानों की चिंता बढ़ा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी थी, जबकि 27 सितंबर को भी भारी बारिश और आंधी-तूफान जैसी स्थिति की संभावना जताई गई है। समूचे तहसील क्षेत्र में धान की फसल अब पकने की ओर है। ऐसे समय तेज हवा चलने से धान के पौधे खेतों में गिरने लगे हैं। वहीं कई स्थानों पर तैयार गन्ने की फसल भी हवा के दबाव में झुककर गिर रही है।

फसल गिरने के बाद उसकी कटाई प्रभावित होने के साथ उपज और गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है। जनपद के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से भी धान और गन्ने पर बारिश तथा तेज हवाओं के असर, खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं से धान तथा गन्ने की फसल को नुकसान की आशंका जताई गई है। किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि यह फसल का संवेदनशील दौर है।

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खेतों में खड़ी फसल को अब ज्यादा बारिश और तेज हवा का एक और दौर झेलना पड़ा तो नुकसान का दायरा बढ़ सकता है।लगातार बारिश के कारण ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी आवागमन प्रभावित हो रहा है। जगह-जगह पानी और कीचड़ के कारण बाइक सवारों तथा पैदल ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की डालियां टूटने और बिजली के तारों के प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ गया है। निरंतर हो रही बारिश और तेज हवाओं से पेड़ गिरने की घटनाओं ने भी लोगों की चिंता बढ़ाई है। हाल की बारिश में बवां क्षेत्र में विशाल बरगद की डाल गिरने से दुकानदार बाल-बाल बचा और सामान तथा वाहन को नुकसान पहुंचा। वहीं पेड़ गिरने से ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों के प्रभावित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

मौसम की मार सिर्फ किसानों के खेतों तक सीमित नहीं है। लगातार बारिश के कारण पशु-पक्षियों के सामने भी परेशानी बढ़ गई है। खुले में रहने वाले पशुओं के लिए सूखी जगह और चारे की व्यवस्था चुनौती बन रही है। ग्रामीणों को भी रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण बाजारों में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से छोटे दुकानदारों और कारोबारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है।

सड़क किनारे ठेला, खोमचा और अन्य छोटे कारोबार करने वाले लोगों के लिए लगातार बारिश और तेज हवा दोहरी चुनौती बन गई है।बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों की डालियां बिजली लाइनों पर गिरने से आपूर्ति प्रभावित हुई है। बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने से ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ी है। लगातार बारिश के कारण विद्युत मरम्मत कार्य में भी कर्मचारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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किसानों का कहना है कि मौसम साफ नहीं हुआ और तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहा तो तैयार फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और कृषि विभाग को प्रभावित गांवों में खेतों का स्थलीय निरीक्षण कराकर फसल क्षति का आकलन कराना चाहिए, ताकि वास्तविक नुकसान सामने आ सके।आसमान से बरसती आफत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलें मौसम की मार झेल रही हैं, ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित है, बाजारों की रफ्तार धीमी है और तेज हवाओं के बीच पेड़-बिजली व्यवस्था को लेकर भी खतरा बना हुआ है। मौसम वि

लगातार हो रही बारिश से फसलें चौपट, किसान परेशान

सोहावल। चक्रवाती तूफान के प्रभाव से अयोध्या समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विद्युत व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। वहीं खेतों में खड़ी धान, केला और सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

सोहावल क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंगलसी निवासी प्रगतिशील किसान राम सिंह ने बताया कि तेज हवा से केले की फसल गिरकर बर्बाद हो रही है। सब्जियों के खेतों में पानी भरने से जड़ों के सड़ने और फसलों में रोग लगने की आशंका है। उन्होंने बताया कि धान की करीब 70 प्रतिशत फसल में दाने आ चुके हैं। लेकिन बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से फसल गिर गई है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो दाने सड़ने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है।किसान के अनुसार फसल प्रभावित होने का सीधा असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। सब्जियों के दाम बढ़ने के साथ ही धान के उत्पादन में कमी आने की संभावना है।

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क्षेत्र में तीन दिन से विद्युत आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित है। विद्युत विभाग के कर्मचारी व्यवस्था बहाल करने में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण परेशानी बनी हुई है। बिजली न होने से रात में ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा छा जाता है। वहीं कमर्शियल कनेक्शन वाले उपभोक्ता जनरेटर के सहारे काम चला रहे हैं। जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। कई कच्चे मकानों की दीवारें और छप्पर बारिश से कमजोर हो चुके हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है।प्रशासन को लगातार निगरानी रखने और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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