शैक्षणिक चुनौतियों के लिए शिक्षकों को अपडेट होना जरूरी: प्रो. मनोज दीक्षित

    • कुलपति ने विवि के शिक्षकों व विभागाध्यक्षों को खुले मंच पर चर्चा हेतु किया आमंत्रित

    • कहा यदि शिक्षक का प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो बेहतर भविष्य के लिए राष्ट्र निर्माण में कई विसंगतियां खड़ी हो जायेगी

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    फैजाबाद। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के उन्नयन एवं विकास में सहभागिता हेतु कार्यरत विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों, विभागाध्यक्षों को खुले मंच पर चर्चा हेतु संत कबीर सभागार में आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने किया। चर्चा का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों एवं अधिकारियों के बीच स्वस्थ्य वातावरण का परिवेश स्थापित करना है।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि विश्वविद्यालय को गुणवत्तापरक शिक्षण संस्थान बनाने के लिए यह आवश्यक है कि शिक्षक प्रतिबद्ध होकर शिक्षण कार्य में अपनी सहभागिता प्रदान करें। विभागीय स्तर पर संवाद आवश्यक है तभी समस्याओं का निर्धारण हो सकेगा। आपसी विश्वास और टीम भावना से कार्य कर हम विश्वस्तरीय शैक्षिक संस्थानों की दौड़ में शामिल हो पायेंगे। यदि शिक्षक का प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो बेहतर भविष्य के लिए राष्ट्र निर्माण में कई विसंगतियां खड़ी हो जायेगी। हमें इनोवेशन के लिए सदैव तैयार रहना होगा। समय का सदुपयोग कर शिक्षण कार्य, शोध कार्य जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। सभी को सहयोग करके काम करने की जरूरत है। जो विभाग अच्छी टीम बनायेगा वही अच्छा कार्य कर पायेगा। दिनोदिन बढ़ रही शैक्षणिक चुनौतियों के लिए शिक्षकों को अपडेट होना आवश्यक है। छात्र-छात्राओं को उनके बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में डाॅ0 विनोद श्रीवास्तव ने विभाग में इन्स्फ्रास्ट्रकचर की मांग की ताकि गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान की जा सके। प्रो0 फारूख जमाल ने शैक्षिक भवन के सामने जलभराव व कार पार्किंग की तरफ ध्यान आकृष्ट किया एवं नैक मूल्यांकन हेतु शिक्षकों से सूचना प्रदान करने की प्राथमिकता एवं औपचारिकताओं को पूर्ण करने हेतु सहयोग की अपील की। कुछ शिक्षकों के द्वारा विभागों में रिक्त पड़े चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का मामला कुलपति जी के समक्ष रखा। इस अवसर पर नव नियुक्त शिक्षकों से आपसी परिचय भी कराया गया। डाॅ0 तुहिना वर्मा के द्वारा आपातकालीन चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी चिकित्सालयों से अनुबन्ध कराने की अपील की। ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके। उपरोक्त सभी मांगों कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने सम्बन्धित को निर्देशित किया है।
    इस अवसर पर कुलसचिव प्रो0 एस0 एन0 शुक्ल, परीक्षा नियंत्रक प्रो0 एम0 पी0 सिंह, मुख्य नियंता प्रो0 आर0 एन0 राय0, प्रो0 आर0 एल0 सिंह, प्रो0 आर0 के0 तिवारी, प्रो0 के0 के0 वर्मा, प्रो0 ए0 के0 शुक्ला, प्रो0 हिमांशु शेखर सिंह, प्रो0 मृदुला मिश्रा, प्रो0 सिöार्थ शुक्ला, प्रो0 एस0 के0 रायजादा, प्रो0 सी0 के0 मिश्रा, डाॅ0 विनोद चैधरी, डाॅ0 आर0 के0 सिंह, डाॅ0 शैलेन्द्र वर्मा, डाॅ0 राजेश सिंह कुशवाहा, डाॅ0 राज नारायण पाण्डेय, डाॅ0 अनिल, डाॅ0 अश्विनी कुमार, संजय कुमार जायसवाल, सहित बड़ी संख्या में परिसर के शिक्षक उपस्थित रहे।